कर्नाटक में बगैर हेडलाइट चल रही रोडवेज बस का वीडियो वायरल, चालक समेत तीन कर्मचारी निलंबित
कर्नाटक में बगैर हेडलाइट चल रही रोडवेज बस का वीडियो वायरल, चालक समेत तीन कर्मचारी निलंबित
कलबुर्गी (कर्नाटक), छह जुलाई (भाषा) सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो में कर्नाटक की एक रोडवेज बस बिना हेडलाइट के चलती दिख रही है और बस का स्टाफ स्थिति को संभालने के लिए मोबाइल फोन की ‘टॉर्चलाइट’ का इस्तेमाल कर रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बस चालक समेत तीन कर्मचारियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया है।
इस कथित वीडियो में कल्याण कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केकेआरटीसी) की बस कलबुर्गी-चिंचोली मार्ग पर रात के समय घने अंधेरे में चलती दिख रही है और उसकी हेडलाइट खराब है।
वीडियो में दिख रहा है कि चालक बस चला रहा है और परिचालक सामने की सड़क पर रोशनी करने के लिए मोबाइल फोन की टॉर्चलाइट का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे कथित तौर पर यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गयी थी।
बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार रात की है।
केकेआरटीसी के कलबुर्गी संभाग-एक के संभागीय नियंत्रक एस.जी. गंगाधर ने बताया कि चार जुलाई को हुई घटना के सिलसिले में बस चालक समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
उनके अनुसार, चार जुलाई को चिंचोली-कलबुर्गी मार्ग पर चलने वाली बस (केए 28 एफ-1985) की हेडलाइट धीमी होने के कारण उसे मोबाइल की ‘टॉर्चलाइट’ की मदद से चलाया गया।
इस मामले में अधिकारियों ने चिंचोली इकाई का दौरा किया और जांच रिपोर्ट सौंपी।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘इसके चलते ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण तकनीकी स्टाफ शिवानंद (जिन्होंने बस की ठीक से मरम्मत नहीं की), तकनीकी पर्यवेक्षक बसवराज (जिन्होंने इसकी देखरेख नहीं की) और चालक आकाश (जिन्होंने बिना मरम्मत के ही गाड़ी लापरवाही से चलाई) को निलंबित कर दिया गया है।’’
गंगाधर ने कहा कि सभी इकाई के प्रबंधकों और स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए पूरी सावधानी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।
अधिकारियों के मुताबिक, बस शाम 7:30 बजे कलबुर्गी से चिंचोली के लिए निकलती है और लगभग 84 किलोमीटर का सफर तय करती है।
इस मामले को लेकर कर्नाटक में विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की खराब हालत को दर्शाती है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ‘नाकाम’ रहने का आरोप लगाया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की नाकामी की वजह से एक खटारा बस की हेडलाइट खराब होने के बावजूद यात्रियों को कलबुर्गी से चिंचोली तक लगभग 90 किलोमीटर का सफर मोबाइल फोन की टॉर्चलाइट के जरिये तय करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार के कुशासन में सब कुछ अव्यवस्थित है। कल्याण कर्नाटक इलाके में पर्याप्त बसों की कमी के कारण लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’’
जनता दल (सेक्युलर) ने भी कथित वीडियो को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और कांग्रेस सरकार में शासन-व्यवस्था की ‘दयनीय’ स्थिति की आलोचना की।
जनता दल (सेक्युलर) ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और इस इलाके में बिना देरी किए सड़क पर चलने लायक बसें सेवा में लेने की मांग की।
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश

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