अनूठी किस्म का कमल, गौतम बुद्ध की प्रतिमा और रेशमी वस्त्र भेंट किए गए वियतनाम के राष्ट्रपति को

अनूठी किस्म का कमल, गौतम बुद्ध की प्रतिमा और रेशमी वस्त्र भेंट किए गए वियतनाम के राष्ट्रपति को

अनूठी किस्म का कमल, गौतम बुद्ध की प्रतिमा और रेशमी वस्त्र भेंट किए गए वियतनाम के राष्ट्रपति को
Modified Date: May 7, 2026 / 11:52 am IST
Published Date: May 7, 2026 11:52 am IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारत ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को राष्ट्रीय फूल कमल की एक अनूठी किस्म ‘नमो 108’, ध्यान मुद्रा में बैठे बुद्ध की पीतल की मूर्ति और वाराणसी से आए विशेष रेशमी वस्त्र भेंट किए।

वियतनाम के राष्ट्रपति 5 मई से भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं।

‘नमो 108’ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) द्वारा विकसित कमल की एक अनूठी किस्म है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नमो 108 का गहरा सांस्कृतिक महत्व है क्योंकि यह प्राचीन भारतीय विरासत और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ का काम करता है।

एनबीआरआई ने इस कमल की किस्म को विशेष रूप से 108 पंखुड़ियों वाला बनाकर, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में पवित्र और गणितीय रूप से परिपूर्ण मानी जाने वाली संख्या को साकार रूप दिया है।

उन्होंने बताया कि यह संख्या ध्यान माला के मनकों, उपमहाद्वीप में पवित्र पीठों (स्थलों) और वैदिक परंपरा में विभिन्न ब्रह्मांडीय गणनाओं से मेल खाती है, जिससे यह फूल आध्यात्मिक पूर्णता का प्रतीक बन जाता है।

इसका नाम, ‘नमो’ संस्कृत शब्द ‘अभिवादन’ या ‘प्रणाम’ से लिया गया है।

वियतनाम के राष्ट्रपति को पीतल की बुद्ध प्रतिमा भी भेंट की गई, जिसमें बुद्ध ध्यान मुद्रा में बैठे हैं और उनके चारों ओर एक गोलाकार आभामंडल है जो बोधि वृक्ष के फैले हुए पत्तों जैसा दिखता है।

इस प्रतिमा में बुद्ध अभय मुद्रा में हैं, उनका दाहिना हाथ निर्भयता और रक्षा के भाव में ऊपर उठा हुआ है, जबकि उनका बायां हाथ उनकी गोद में एक छोटा कटोरा पकड़े हुए है, जो पोषण और करुणा का प्रतीक है।

सूत्रों ने कहा कि इस प्रतिमा में धातु का महीन काम है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित यह प्रतिमा पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाती है।

वियतनाम के राष्ट्रपति को उपहार में दिया गया रेशमी कपड़ा उत्तर प्रदेश के वाराणसी से आया है, जो सदियों से अपनी उत्कृष्ट वस्त्र कला के लिए प्रसिद्ध है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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