कांग्रेस की नाराजगी के बावजूद अय्यर अडिग, बोले – केरल में फिर लौटेगी विजयन सरकार

कांग्रेस की नाराजगी के बावजूद अय्यर अडिग, बोले - केरल में फिर लौटेगी विजयन सरकार

कांग्रेस की नाराजगी के बावजूद अय्यर अडिग, बोले – केरल में फिर लौटेगी विजयन सरकार
Modified Date: February 16, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: February 16, 2026 5:44 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 16 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा की गई आलोचना से बेपरवाह पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर सोमवार को अपनी इस बात पर कायम रहे कि पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) केरल की सत्ता में बना रहेगा।

अय्यर ने मुख्यमंत्री विजयन का जिक्र करते हुए ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”एक कांग्रेसी के रूप में, मैं चाहता हूं कि एकीकृत लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) जीते। एक गांधीवादी के रूप में, मैं सच बोलने के लिए बाध्य हूं, चाहे मैं कुछ भी चाहता हूं। मैं केरल का मतदाता नहीं हूं, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें (विजयन) एक और कार्यकाल मिलने वाला है।”

अय्यर की यह टिप्पणी, उनके द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में विजयन की वापसी की भविष्यवाणी करने पर कांग्रेस नेतृत्व की तीखी आलोचना के एक दिन बाद आई है। केरल में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं।

हालांकि, अय्यर ने पहले कहा था कि मीडिया ने उनकी टिप्पणियों को ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ पेश किया, लेकिन उन्होंने (अय्यर ने) अपना विचार दोहराया कि एलडीएफ सरकार के सत्ता में लौटने की संभावना है।

अय्यर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि यह टिप्पणी उनके भाषण में ‘‘सिर्फ आधी पंक्ति’’ थी और इसे ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ पेश किया गया।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार उत्कृष्ट कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह भाषण मैंने योजना बोर्ड की प्रधान सचिव मैरी जोसेफ का वक्तव्य सुनने के बाद दिया था। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।’’

स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. बी. राजेश से मुलाकात का जिक्र करते हुए अय्यर ने कहा कि उन्हें बताया गया कि केरल देश का एकमात्र राज्य है जिसने पंचायती राज व्यवस्था के कारण गरीबी को दूर किया है।

उन्होंने कहा कि राजेश ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने की योजना के बारे में बात की।

उन्होंने कहा, “हकीकत यह है कि यह एक उत्कृष्ट सरकार रही है और केरल के लोग बेहद समझदार हैं। मुझे नहीं लगता कि वे एलडीएफ के अलावा किसी और को वोट देंगे।”

अय्यर ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव को छोड़कर राज्य में हर बार सत्ता परिवर्तन हुआ है और यदि लगातार दो चुनावों में एक ही सरकार हार जाए तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन के अलावा वह किसी अन्य नेता का सम्मान नहीं करते।

उन्होंने कहा, “हम दोनों ही कांग्रेस में धर्मनिरपेक्ष समाजवादी हैं। हम धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद से समझौता नहीं करते।”

अय्यर ने यूडीएफ नेताओं के 100 से अधिक सीटें जीतने के दावे पर कहा कि वह केरल के मतदाता नहीं हैं। रमेश चेन्निथला पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि रमेश को उन्हें (अय्यर को) पार्टी से निकालने का अधिकार नहीं है।

अय्यर ने कहा, “मुझे पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है। उन्होंने मुझे निष्कासन का कोई पत्र नहीं भेजा है।”

अय्यर की टिप्पणियों के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि वह पिछले कुछ वर्षों से पार्टी से किसी भी तरह से जुड़े नहीं हैं और अपनी निजी हैसियत से बोलते हैं।

संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि केरल की जनता यूडीएफ को फिर से सत्ता में लाएगी। उन्होंने एलडीएफ तथा भाजपा को “गुप्त साझेदार” बताया।

इससे पहले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने अय्यर की टिप्पणियों को अनुचित बताया और कहा कि कांग्रेस स्पष्ट कर चुकी है कि वह (अय्यर) अब कांग्रेस में नहीं हैं।

भाषा

राखी मनीषा

मनीषा


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