तमिलनाडु में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, स्टालिन को मिली शिकस्त

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तमिलनाडु में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, स्टालिन को मिली शिकस्त

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 12:43 AM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 12:43 AM IST

चेन्नई, चार मई (भाषा) अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाते हुए सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी शिकस्त दी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर रही।

1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई।

इस जीत के साथ ही विजय और टीवीके के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हो गई हैं, और पार्टी के संस्थापक विजय अल्पसंख्यक समुदाय (ईसाई धर्म) से राज्य की बागडोर संभालने वाले पहले व्यक्ति होंगे।

विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है। उनकी पार्टी 107 सीटें जीत कर 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 8,795 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि टीवीके अपने पहले चुनाव में अभूतपूर्व और भारी जीत की ओर बढ़ रही है, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक यहां पनायूर स्थित पार्टी कार्यालय के सामने जमा हो गए और पटाखे फोड़े तथा मिठाइयां बांटीं।

इसके अलावा, विजय की जीत और समान विचारधारा वाली पार्टियों को सत्ता में हिस्सेदारी के बार-बार दिए गए आश्वासन से राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय खुलने की उम्मीद है।

टीवीके समर्थकों को उम्मीद है कि कांग्रेस (5), आईयूएमएल (2), वामपंथी दल (4), वीसीके (2) और पीएमके (5) भी समर्थन देंगे और सत्ता में हिस्सेदारी पा सकेंगे। इन सभी पार्टियों ने मिलकर कुल 18 सीटों पर जीत हासिल की है या आगे चल रही हैं। टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है।

तमिलनाडु में यह पहली बार होगा कि कोई पार्टी अपनी स्थापना के दो साल से कुछ अधिक समय बाद सत्ता में आएगी। टीवीके ने अपने पहले चुनाव में लगभग 35 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं। टीवीके की स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी।

इस बीच, तमिलनाडु विधानसभा 2026 के चुनावों में राजनीतिक जनादेशों में नाटकीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसमें राज्य भर में जीत का अंतर भारी बहुमत से लेकर बेहद करीबी अंतर तक रहा।

अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले अन्नाद्रमुक नेता ए.के. पलानीस्वामी ने अपने गृह क्षेत्र एडप्पाडी में 98,110 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की।

वहीं, नवगठित टीवीके के पी श्रवणन ने शोझिंगनल्लूर सीट 96,370 वोटों के भारी अंतर से जीती, वहीं एम एल विजयप्रभु ने माधवराम निर्वाचन क्षेत्र से 94,985 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

इन व्यापक जनादेशों के बिल्कुल विपरीत, कई निर्वाचन क्षेत्रों में बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली। राज्य में सबसे कम अंतर से जीत परमाथी-वेलूर में दर्ज की गई, जहां अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार शेखर एस ने महज 308 वोटों से जीत हासिल की।

अन्य कड़े मुकाबलों में अन्नाद्रमुक के रवि मनोहरन ने पलानी सीट मात्र 693 वोटों से जीती, जबकि कुंभकोणम में टीवीके के विनोद ने 679 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की।

भाषा शफीक सुभाष

सुभाष