Sikkim Tunnel Collapse Update: सुरंग के भीतर मची अफरातफरी, देखते ही देखते खत्म हो गई कई जिंदगियां, अंदर का मंजर देख रेस्क्यू टीम भी रह गई दंग

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Sikkim Tunnel Collapse Update: सुरंग के भीतर मची अफरातफरी, देखते ही देखते खत्म हो गई कई जिंदगियां, अंदर का मंजर देख रेस्क्यू टीम भी रह गई दंग

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 08:28 AM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 12:55 PM IST

Sikkim Tunnel Collapse Update | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • मीथेन गैस विस्फोट से सुरंग ढही
  • 22 मजदूरों की मौत
  • एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं

नामची: Sikkim Tunnel Collapse Update सिक्किम के नामची में NHPC टनल के ढहने वाली जगह पर खोज और बचाव अभियान फिर से शुरू हो गया है। रात करीब 10:00 बजे, आसनसोल की ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की दूसरी बचाव टीम घटना स्थल पर पहुँची और तुरंत चल रहे अभियान में शामिल हो गई। ताज़ा जानकारी के अनुसार, अब तक टनल से 22 मृतकों के शव निकाले जा चुके हैं। बचाव अभियान जारी है और विशेष टीमें बाकी पीड़ितों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। राज्य सरकार, ज़िला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां ​​स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही हैं और बचाव टीमों तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दे रही हैं

Sikkim Tunnel Collapse Update अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के भीतर कीचड़ और पानी जमा हो जाने के कारण राहत एवं बचाव कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, जिसे बुधवार सुबह दोबारा शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और आसनसोल की बचाव टीम ने तड़के ही अभियान संभाल लिया और उनका मुख्य ध्यान सुरंग से पानी बाहर निकालने पर केंद्रित रहा। अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार खोज और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं, ताकि अंदर फंसे बाकी लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।

एनएचपीसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चट्टानों के भीतर फंसी मीथेन गैस में अचानक हुए जोरदार धमाके से यह हादसा हुआ। इस विस्फोट के बाद सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैसें भर गईं। घटनास्थल पर चिकित्सा दल और एंबुलेंस लगातार तैनात हैं, ताकि राहत कार्य में लगे कर्मियों और प्रभावितों को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी जा सके।

इस बीच, एनएचपीसी ने बुधवार को हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। कंपनी ने बयान जारी कर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। कंपनी ने बताया कि जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), एनएचपीसी, पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और स्थानीय अधिकारियों समेत कई एजेंसियां मिलकर चौबीसों घंटे बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का मंगलवार को ऐलान किया था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की जा चुकी है। उधर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तमांग से आग्रह किया कि हिमालयी राज्य में सुरंग निर्माण कार्य में लगे झारखंड के प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

झारखंड के अधिकारियों के अनुसार, सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी के निर्माण कार्य में झारखंड के खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के कम से कम चार श्रमिक कार्यरत थे। इनमें से दो की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं। घटना को दुखद और चिंताजनक बताते हुए सोरेन ने कहा कि इस हादसे से झारखंड के कुछ श्रमिक भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘मैं माननीय मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग जी से आग्रह करता हूं कि कृपया झारखंड के प्रभावित श्रमिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।’ उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार लगातार संपर्क में है और राज्य के श्रमिकों के परिवारों को हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘इस कठिन घड़ी में हमारी पूरी संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है।’

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हादसा कैसे हुआ?

सुरंग में फंसी मीथेन गैस के अचानक विस्फोट से।

अब तक कितने मजदूरों की मौत हुई है?

कुल 22 मजदूरों की।

बचाव कार्य कौन कर रहा है?

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनएचपीसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें।