विस सुरक्षा चूक मामला: आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने का निर्देश

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विस सुरक्षा चूक मामला: आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने का निर्देश

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 05:05 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 05:05 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने विधानसभा सुरक्षा चूक मामले के आरोपी सरबजीत सिंह के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) को विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश आरोपी के वकील द्वारा अदालत को यह बताए जाने के बाद दिया गया कि सरबजीत ‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ से पीड़ित है। वकील ने इस संबंध में मेडिकल बोर्ड गठित करने का अनुरोध किया था।

‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकार है, जिसमें व्यक्ति के मनोभाव, ऊर्जा, गतिविधियों और सोचने के तरीके में असामान्य तथा अत्यधिक उतार-चढ़ाव होता है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकुर जैन मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के तहत आरोपी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

सरबजीत सिंह ने छह अप्रैल, 2026 को विधानसभा परिसर के एक प्रवेश द्वार पर कथित रूप से अपनी कार चढ़ा दी थी, जिससे वहां ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था।

अदालत ने 27 जुलाई को पारित अपने आदेश में याचिका स्वीकार करते हुए मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया। यह बोर्ड जांच करेगा कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या नहीं और क्या वह अपना बचाव करने में सक्षम है।

अभियोजन पक्ष ने भी मेडिकल बोर्ड के गठन पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

भाषा खारी अविनाश

अविनाश