इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और मजबूत करेगी: मोदी

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इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और मजबूत करेगी: मोदी

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 10:24 AM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 10:24 AM IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और एक स्वतंत्र, खुले तथा समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

मोदी ने छह से 11 जुलाई तक तीन देशों की अपनी यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान में कहा कि यह यात्रा इन तीनों देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में बनी मजबूत गति को और आगे बढ़ाएगी।

मोदी ने बयान में कहा, ‘‘पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में क्रमशः इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद न्यूजीलैंड की मेरी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए को और मजबूत करेगी।’’

‘महासागर’ यानी ‘क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए परस्पर और समग्र प्रगति’ सभी क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास के लिए भारत का दृष्टिकोण है।

राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री छह से आठ जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के इस स्तर पर पहुंचने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी और यह जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्राबोवो की भारत यात्रा के बाद हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत और इंडोनेशिया में मजबूत सभ्यतागत तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध हैं और मेरी यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और गहरा करेगी।’’

मोदी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वह इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे और राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे, जो दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों का एक और उल्लेखनीय प्रमाण है।

इंडोनेशिया से, मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, और प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ बातचीत में मैं रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा और गतिशीलता तथा लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाऊंगा।’’

मोदी ने कहा कि मेलबर्न में वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे, जो रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती और अहम प्रौद्योगिकी, खेल और खेल विज्ञान के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का मौका भी देगा।’’

दौरे के आखिरी चरण में, वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर ऑकलैंड जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा यह दौरा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बनी मजबूत गति को सार्थक रूप से आगे बढ़ाएगा।’’

मोदी ने कहा कि वह लक्सन के साथ इस बात पर चर्चा करेंगे कि आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और कैसे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय समुदाय का अहम योगदान रहा है और इस दौरे के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के उस बड़े समूह को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं, जिसने जीवन के हर क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है।’’

भाषा वैभव सुरभि

सुरभि