वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर: सफदरजंग अस्पताल

वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर: सफदरजंग अस्पताल

वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर: सफदरजंग अस्पताल
Modified Date: July 20, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: July 20, 2026 10:35 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं, लेकिन उनके रक्त संबंधी मानकों पर चिकित्सकों द्वारा करीबी निगरानी रखने की आवश्यकता है। सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अस्पताल ने कहा कि वांगचुक का लगातार चिकित्सकीय उपचार किया जा रहा है और विशेषज्ञों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।

अस्पताल की ओर से सुबह 10 बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया, ‘‘सोनम वांगचुक का वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में समुचित चिकित्सकीय उपचार जारी है। उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। हालांकि, रक्त संबंधी मानकों पर लगातार करीबी चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है। वांगचुक का निरंतर उपचार किया जा रहा है और विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।’’

बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल तथा नयी दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सकों द्वारा किए गए चिकित्सकीय आकलन के आधार पर संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाने और उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए लगातार चिकित्सकीय हस्तक्षेप और बिना किसी रुकावट के चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है। उन्हें आवश्यक सभी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।’’

वांगचुक को शनिवार को उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े छात्रों की कथित मौत के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था।

वांगचुक ने सोमवार को घोषणा की कि वे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा है। वह तब तक उपवास जारी रखेंगे जब तक युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या उन्हें खुद अस्पताल से ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाती।

सफदरजंग अस्पताल से जारी एक हाथ से लिखे बयान में वांगचुक ने कहा, ‘शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता बरती जा रही है, उसे देखते हुए मैंने तब तक अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या मुझे उनसे यहीं अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं दी जाती।’

उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि सरकार उससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी।’

वांगचुक ने कहा कि वह इस बात से ‘बहुत प्रभावित और भावुक’ हैं कि प्रदर्शनकारियों ने ‘उकसावे’ के बावजूद शांति बनाए रखी है।

उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार और पुलिस बल से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की इजाजत देकर इस मामले को सुलझाएं। मुझे यकीन है कि युवा प्रदर्शनकारी कल भी शांति बनाए रखेंगे, जैसा उन्होंने आज किया।’

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


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