मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज- नीयत साफ हो तो उद्योगपतियों के साथ खड़े होने पर भी नहीं लगते दाग

मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज- नीयत साफ हो तो उद्योगपतियों के साथ खड़े होने पर भी नहीं लगते दाग

मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज- नीयत साफ हो तो उद्योगपतियों के साथ खड़े होने पर भी नहीं लगते दाग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: July 29, 2018 12:11 pm IST

लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि नीयत साफ हो तो बड़े से बड़ा काम भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘जाने क्यों लोग उधोगपतियों के साथ खड़े होने में डरते हैं जब नीयत साफ हो, इरादे नेक हों तो किसी के साथ खड़े होने से दाग नहीं लगते। महात्मा गांधी का जीवन इतना पवित्र था कि उनको बिड़लाजी के साथ रहने में कभी दिक्कत नहीं हुई क्योंकि उनकी नीयत साफ थी’। उन्होंने कहा कि जैसे एक मजदूर, किसान और जनता की भागीदारी होती है वैसे ही देश के उद्योगकारों की देश को बनाने में अहम भूमिका रहती है क्या हम उन्हें अपमानित करेंगे? चोर, लुटेरे कहेंगे?

प्रधानमंत्री रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के लिए 60 हजार करोड़ रुप की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उनके साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के राज्यपाल राम नाइक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थेकार्यक्रम में उद्योगपति मंगलम बिड़ला, गौतम अडानी समेत कई उद्योगपति भी शामिल हुए

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कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उद्योगपतियों के साथ का विरोध करने वाले पर्दे के पीछे तो उनसे खूब मुलाकात करते हैं और सामने आकर उनका ही विरोध करते हैं नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के माध्यम से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उद्योगपतियों का साथ जरूरी है,  लेकिन जो गलत करेगा उसे या तो देश से भागना पड़ेगा या फिर जेल में जीवन बिताना पड़ेगा पहले ऐसा नहीं होता था क्योंकि आज जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे पहले पर्दे के पीछे से इन्हें सपोर्ट करते थेयह सबको मालूम है कौन लोग किसके हवाई जहाज से घूमते रहे

उन्होंने कहा कि मैंने यूपी की 22 करोड़ जनता को वचन दिया था कि उनके प्यार को ब्याज़ समेत लौटाउंगा यहां जो परियोजनाएं शुरू हो रही हैं वोइ इसी वचन का हिस्सा है। ये प्रोजेक्ट्स उत्तर प्रदेश में आर्थिक और औद्योगिक असंतुलन को दूर करने में भी सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं जहां किसी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश ना हो, प्रक्रियाओं में गति भी दिखे और संवेदनशीलता भी, ना अपना, ना पराया, ना छोटा, ना बड़ा, सबके साथ समान व्यवहार – सबका साथ, सबका विकास हो‘।

वेब डेस्क, IBC24


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