पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगाया, लोगों की शिकायतें सुनीं

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगाया, लोगों की शिकायतें सुनीं

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगाया, लोगों की शिकायतें सुनीं
Modified Date: June 13, 2026 / 01:05 pm IST
Published Date: June 13, 2026 1:05 pm IST

कोलकाता, 13 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को भाजपा कार्यालय में अपना जनता दरबार लगाया, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

पहला ‘जनता दरबार’ 18 मई को आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अधिकारी ने इस साप्ताहिक कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि नागरिक हर सप्ताह सीधे उनसे मिल सकेंगे।

शनिवार को गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के परिजन, स्वास्थ्यकर्मी और नौकरी की तलाश कर रहे लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें दर्ज कराने और मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराने पहुंचे।

जनता दरबार में पहुंचे लोगों में से एक करुणा ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आई हैं।

वहीं, एक अन्य महिला तनिमा चटर्जी नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के साप्ताहिक शिकायत निवारण कार्यक्रम में शामिल हुईं। वह सरकार की मिशन वात्सल्य पहल में कार्यक्रम अधिकारी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए परिवार-आधारित और गैर-संस्थागत देखभाल को बढ़ावा देते हैं। राज्य में 876 कर्मचारी कार्यरत हैं, फिर भी हमें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिली है। हमें केवल एकमुश्त मानदेय दिया जाता है।’’

चटर्जी ने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने हमारे लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन हमें उम्मीद है कि भाजपा सरकार हमारी नौकरियों को स्थायी करेगी।’’

कई अन्य लोगों ने बताया कि वे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आए हैं। उनका आरोप था कि पिछली सरकार ने हत्या के मामलों और अन्य अपराधों को दबाने का प्रयास किया था।

यह साप्ताहिक जनसंपर्क पहल बंगाल में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के शुरुआती जनोन्मुखी प्रशासनिक प्रयासों में से एक के रूप में उभर रही है। भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की जनसुनवाई की व्यवस्था पहले भी देखने को मिलती रही है और पार्टी इसे आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी माध्यम बताती है।

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


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