पश्चिम बंगाल सरकार यूरोप से हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में काम करेगी : शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल सरकार यूरोप से हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में काम करेगी : शुभेंदु अधिकारी
(फोटो के साथ)
कोलकाता, 21 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की नीतियों के कारण कोलकाता का यूरोप के साथ सीधा हवाई संपर्क समाप्त हो गया और राज्य पर भारी कर्ज का बोझ बढ़ गया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केंद्र के सहयोग से राज्य के परिवहन ढांचे का कायाकल्प करेगी।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने यहां परिवहन भवन-दो से 50 वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता में ‘वाटर मेट्रो’ शुरू करने, महानगर से बाहर तक मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करने, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा कल्याणी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने की योजना की भी घोषणा की।
इस कार्यक्रम में राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार विमानन क्षेत्र को मजबूत करने में विफल रही, जिसके कारण राज्य से संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं बंद हो गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अधिकांश यूरोपीय देशों से हवाई संपर्क था। पिछली सरकार के दौरान इनमें से अधिकतर मार्गों पर उड़ानें बंद हो गईं। फिलहाल लंदन सहित किसी भी यूरोपीय शहर के लिए सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने कोलकाता के निकट दूसरे हवाई अड्डे के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से काम नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘तत्कालीन केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को कोलकाता के निकट दूसरा हवाई अड्डा बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। लेकिन सरकार ने तत्काल जवाब दिया कि वह भांगर क्षेत्र में भूमि का अधिग्रहण नहीं कर सकती। वह एक कमजोर सरकार थी।’’
शुभेंदु अधिकारी ने वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर राज्य को लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले छोड़ने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘परिवहन विभाग बेहतर राजस्व अर्जित कर राज्य को उस आर्थिक बदहाली से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जो वाम मोर्चा और टीएमसी सरकारों की वजह से पैदा हुई। राज्य पर लगभग आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।’’
परिवहन क्षेत्र को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब किसी राज्य का परिवहन ढांचा आधुनिक और सुदृढ़ होता है, तो उसकी अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। बेहतर बुनियादी ढांचे से अधिक उद्योगपति निवेश करेंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया है और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में अधिक पर्यावरण अनुकूल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का फैसला किया है। केंद्र की 60:40 वित्तीय भागीदारी योजना के तहत और अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी।’’
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम, पश्चिम बंगाल परिवहन निगम और दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम के डिपो में चार्जिंग स्टेशन और आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने मेट्रो रेल विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सरकार बदलने के तुरंत बाद चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग से जुड़ा लंबे समय से लंबित मुद्दा सुलझा लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार 17 महीने में चिंगड़ीघाटा की समस्या का समाधान नहीं कर सकी, लेकिन हमारी डबल इंजन की सरकार ने 17 दिन में इसका रास्ता निकाल दिया। जोका से दमदम हवाई अड्डे तक कोलकाता मेट्रो के विस्तार की योजना ने अब गति पकड़ ली है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोलकाता से बाहर भी मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करना चाहती है। इसके तहत पहले चरण में दुर्गापुर-आसनसोल तथा सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी के बीच मेट्रो परियोजनाओं का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) जैसी संस्थाओं से वित्तीय सहायता के विकल्प तलाशे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सिद्धांततः कोलकाता में ‘वाटर मेट्रो’ शुरू करने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही कोलकाता इस सुविधा वाला देश का 17वां शहर बन जाएगा।
भाषा रवि कांत दिलीप
दिलीप

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