सिलीगुड़ी, दो अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार को कहा कि घर बनाते समय सड़कों पर रेत, ईंट और पत्थर जैसी निर्माण सामग्री रखने पर लोगों को एक सितंबर से जुर्माना भरना होगा।
पॉल ने सिलीगुड़ी नगर निगम में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा कि सड़कों का इस्तेमाल निर्माण सामग्री डालने के लिए नहीं किया जा सकता और संपत्ति मालिकों को ऐसा सामान अपने परिसरों के अंदर ही रखना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग घर बनाते समय सड़क पर पत्थर, रेत और ईंटें नहीं छोड़ सकते। हम जुर्माना लगाएंगे। सड़कें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं।’’
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि खाली भूखंड के मालिक अपनी जमीन को साफ-सुथरा रखने के लिए जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने कहा कि जमीन के मालिक खाली भूखंडों को सालों तक झाड़ियों से भर जाने या नालियों और जल-निकायों से अवरुद्ध होने की स्थिति में नहीं छोड़ सकते, क्योंकि ऐसी स्थितियों से मच्छरों के पनपने और डेंगू जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जैसे अपने घर और उसके आसपास की देखभाल करना मालिक की जिम्मेदारी होती है, उसी तरह खाली जमीन की देखभाल करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने फिर से कहा कि गाड़ियां सिर्फ तय पार्किंग जगहों पर ही खड़ी की जानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि राज्य सरकार एक खास ‘पार्किंग ऐप’ ला रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग फ़ुटपाथ पर कार या मोटरसाइकिल खड़ी करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
मंत्री ने फुटपाथ पर पूरी तरह कब्जा करने वाले रेहड़ी -पटरी वालों से पीछे हटने और पैदल चलने वालों के लिए काफ़ी जगह छोड़ने की अपील भी की।
हालांकि पॉल ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की घोषणा के मुताबिक़, दुर्गा पूजा का त्योहार खत्म होने तक रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने का कोई अभियान नहीं चलाया जाएगा।
भाषा राजकुमार नरेश
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