पश्चिम बंगाल की ‘डबल इंजन’ सरकार तीव्र गति से काम कर रही है : मोदी
पश्चिम बंगाल की ‘डबल इंजन’ सरकार तीव्र गति से काम कर रही है : मोदी
(फोटो के साथ)
तारकेश्वर (प.बंगाल), 20 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में राज्य को सुधार और विकास की राह पर ले जाने के लिए यहां की ‘डबल-इंजन’ सरकार ने ‘सुपरफास्ट स्पीड’ (बहुत तीव्र गति) से काम करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने यह बात राज्य में विभिन्न परियोजनाओं का अनावरण करते हुए कही।
हुगली जिले के तारकेश्वर में ‘पश्चिमबंग दिवस’ समारोह में शामिल होते हुए, उन्होंने 18,880 करोड़ रुपये की ‘पीएम-किसान’ योजना की 23वीं किस्त भी जारी की, जिससे देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए।
प्रधानमंत्री ने राज्यपाल आर एन रवि, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मंत्रियों, विधायकों, सरकारी अधिकारियों और आम जनता के साथ राज्य स्थापना दिवस मनाने के लिए आयोजित एक भव्य समारोह में भाग लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों में राज्य में वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की सरकारों ने विकास के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न की थीं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाममोर्चा 1977 से 34 वर्षों तक राज्य में सत्ता में रहा, वहीं तृणमूल कांग्रेस 2011 से 15 वर्षों तक सत्ता में रही। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराया है।
मोदी ने कहा, ‘‘(भाजपा सरकार द्वारा) बहुत तेज गति से फैसले लिए जा रहे हैं और रुकी हुई परियोजनाओं पर काम फिर से शुरू हो गया है।”
उन्होंने कहा, ‘‘’इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए आज हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है।’।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, कृषि और मत्स्य पालन से संबंधित ये परियोजनाएं बंगाल के विकास को गति देंगी और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पीएम-किसान निधि की 23वीं किस्त आज जारी कर दी गई है। आज देशभर में नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग 19,000 करोड़ रुपये सीधे अंतरित किए गए हैं।’’
मोदी ने कहा कि दशकों की खराब शासन व्यवस्था ने पश्चिम बंगाल को बहुत पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी ने पिछली सरकारों के दौरान बंगाल की स्थिति देखी है। बड़ी कंपनियां राज्य छोड़कर चली गईं, जबकि छोटी इकाइयों ने भी काम करना बंद कर दिया।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, जो कभी अवसरों की भूमि थी, पलायन का स्रोत बन गया था।
प्रधानमंत्री ने रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत, लोकार्पण और शिलान्यास किया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार इन योजनाओं में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्री स्टैक, प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।
बयान के अनुसार 18,880 करोड़ रुपये में से 900 करोड़ रुपये से अधिक राशि पश्चिम बंगाल में ही 45 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी, जिससे राज्य में इस योजना के तहत कुल वितरण 15,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।
बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य 2026-27 में पश्चिम बंगाल के लगभग 50 लाख किसानों को लगभग 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर बीमा कवरेज प्रदान करना है, जिससे लगभग 28,140 करोड़ रुपये के अनुमानित बीमित मूल्य वाली फसलों की सुरक्षा होगी तथा किसानों को पर्याप्त महत्वपूर्ण सब्सिडी के माध्यम से सहायता मिलेगी।
मोदी ने करीब 590 करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-तृतीय) के तहत विकसित 49 सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसके दायरे में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कुल मिलाकर 315 किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र आता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद, कोलकाता के चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर मेट्रो रेलवे की ‘ऑरेंज लाइन’ का रुका हुआ काम शुरू हुआ और कुछ ही दिनों में पूरा कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि हावड़ा में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से एक मंडलीय रेलवे अस्पताल स्थापित किया जाएगा, जहां आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ गंभीर चिकित्सीय समस्याओं का भी इलाज किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के किसानों को दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए मोदी ने राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की शुरुआत की।
उन्होंने कहा, ‘‘फसल नुकसान होने की स्थिति में किसानों को इसका भारी बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।’’
पिछली ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में पीएम फसल बीमा योजना लागू नहीं की थी और इसके बजाय किसानों के लिए राज्य की अपनी फसल बीमा योजना शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि बंगाल में मछुआरों से लेकर व्यापारियों तक विभिन्न वर्ग मत्स्य पालन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज फिशिंग हार्बर की क्षमता बढ़ाई गई है और बीरभूम जिले के सैंथिया में एक आधुनिक मछली बाजार स्थापित किया गया है।
मोदी ने कहा कि राज्य अब विकास के मार्ग पर नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल “अब इतिहास रचेगा।”
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप

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