दिल्ली के एक वकील ने कल यानी मंगलवार को व्हाट्सएप को लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में वॉट्सऐप को 15 दिन के अंदर मिडल फिंगर इमोजी हटाने के लिए कहा गया है। जैसा कि आप जानते हैं मिडिल फिंगर का इस्तेमाल करना अश्लील इशारा माना जाता है, न सिर्फ अश्लील बल्कि इसे एक आक्रामक इशारे के तौर पर भी देखा जाता है. व्हाट्सएप मेसेजिंग के जरिये इस तरह के इमोजी त्रुटिवश भेजे जाने पर विवाद का विषय बन सकते हैं। इसीलिए दिल्ली कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे गुरमीत सिंह ने कहा- मिडल फिंगर गैरकानूनी ही नहीं है, बल्कि अश्लील इशारा भी है। यह भारत में अपराध है।
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भारतीय दंड संहिता धारा 354 और 509 के अनुसार, महिलाओं को अश्लील, अशिष्ट, आक्रामक इशारे दिखाना एक अपराध है। किसी भी व्यक्ति द्वारा एक अश्लील, आक्रामक, अश्लील इशारे का उपयोग करना पूरी तरह से अवैध है।
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गुरमीत सिंह ने अपने नोटिस में कहा है कि क्रिमिनल जस्टिस (पब्लिक ऑर्डर) एक्ट, 1994 के सैक्शन 6 के मुताबिक आयरलैंड में मध्य उंगली को दिखाना एक अपराध माना जाता है। उन्होंने कहा है कि एप में मिडिल फिंगर इमोजी की पेशकश कर वाट्सएप इंक सीधे आक्रामक, अशिष्ट, अश्लील इशारे से लोगों का अपमान कर रहा है। इसी लिए इस लीगल नोटिस के जरिए वाट्सएप से अनुरोध किया गया है कि वह मिडिल फिंगर इमोजी, करैक्टर व फोटो को इस लीगल नोटिस के दायर होने के 15 दिनों के अंदर-अंदर हटा ले नहीं तो सिंह ने कम्पनी पर आपराधिक मामला दर्ज करने की धमकी दी है।
वेब डेस्क, IBC24