ईवीएम बदलने की आशंका, बडे पैमाने पर हुईं अनियमितताएं: अभिषेक बनर्जी
ईवीएम बदलने की आशंका, बडे पैमाने पर हुईं अनियमितताएं: अभिषेक बनर्जी
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, पांच मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मतगणना प्रक्रिया के साथ-साथ निर्वाचन अधिकारियों और सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी मंगलवार को सवाल उठाए।
कालीघाट में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा संबोधित प्रेसवार्ता में भाग लेने के बाद अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि ईवीएम में दर्ज वोट भले ही बरकरार रहें, लेकिन मशीनों को बदला जा सकता है, जिससे मूल आंकड़े बदल जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव में जिस तरह से धांधली हुई…उससे लगता है कि भले ही ईवीएम के माध्यम से दर्ज किए गए वोटों में हेरफेर नहीं किया जा सकता है, लेकिन ईवीएम को बदला जा सकता है।’’
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम ‘अनियमितताओं’ से प्रभावित थे, जिसके कारण तृणमूल की हार हुई। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मतगणना के दौरान कई शिकायतें दर्ज की गईं और अधिकारियों को भी बताई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना स्थल पर लाई गई ईवीएम के सीरियल नंबर और फॉर्म 17सी में दर्ज रिकॉर्ड में विसंगतियों का भी आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय तक इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों में 90 प्रतिशत से अधिक ‘‘असामान्य रूप से उच्च बैटरी स्तर’’ कैसे दिखाई दिया।
मतगणना के दौरान निर्वाचन अधिकारियों, ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’, मतगणना एजेंट और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कर्मियों की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया कि केवल उनकी तैनाती से पारदर्शिता की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसमें गड़बड़ी की आशंका है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पारदर्शिता के हित में, मैं मांग करता हूं कि मतगणना के दिन, विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जारी की जाए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर के समय मतगणना जानबूझकर धीमी की गई थी।
तृणमूल सुप्रीमो के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी आंतरिक रूप से मुद्दों की समीक्षा करेगी और एक तथ्यान्वेषी दल गठित करेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम के बाद व्यापक हिंसा हुई और दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने ‘जश्न के नाम पर’ राज्य भर में 300 से 400 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की।
भाषा राजकुमार आशीष
आशीष

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