कोटा में शिशु को जन्म देने के कुछ मिनट बाद महिला की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

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कोटा में शिशु को जन्म देने के कुछ मिनट बाद महिला की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 09:15 PM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 09:15 PM IST

कोटा (राजस्थान), नौ अगस्त (भाषा) बूंदी जिला सरकारी अस्पताल में रविवार सुबह सामान्य प्रसव के कुछ घंटे बाद चिकित्सा संबंधी जटिलताएं होने से 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिवार के सदस्यों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया।

महिला की पहचान धनातरी गांव के निवासी जगदीश मीणा की पत्नी निशा मीणा के रूप में हुई है।

हालांकि, अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. एल. एन. मीणा ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका।

चिकित्सक ने बताया कि महिला को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

डॉ. मीणा ने कहा कि प्रसव में रुकावट होने के कारण शुरुआत में उसे ऑपरेशन से प्रसव कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार के सामान्य प्रसव के अनुरोध के बाद उसी के अनुसार आगे बढ़ा गया।

चिकित्सक ने बताया कि महिला ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद मां और नवजात दोनों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

उन्होंने कहा कि एक घंटे के अंदर निशा ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की और हालत गंभीर होने पर वह बेहोश होकर गिर गई।

कार्यवाहक पीएमओ गोविंद गुप्ता ने बताया कि उसकी मौत का कारण ‘एम्नियोटिक फ्लूड एम्बोलिज्म’ होने की आशंका है। यह एक दुर्लभ और जानलेवा चिकित्सकीय आपात स्थिति होती है, जिसमें गर्भ का पानी या भ्रूण की कोशिकाएं मां के खून में पहुंच जाती हैं, जिससे फेफड़ों से जुड़ी समस्या, अचानक चकराकर गिरने और हृदय गति रुकने जैसी स्थिति हो सकती है।

वहीं, नवजात को कोटा के जेके लोन अस्पताल भेजा गया।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद प्रसव कक्ष के सभी नर्सिंग व सहायक कर्मचारियों का तुरंत तबादला कर दिया।

अस्पताल के दो अधिकारियों ने बताया कि मामले की औपचारिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं और घटना की सही जानकारी पता लगाने के लिए तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम अनिवार्य मातृ मृत्यु ऑडिट करेगी।

महिला के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके शव को मुर्दाघर ले जा रही एंबुलेंस को रोक दिया।

वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाने की कोशिश की।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और एंबुलेंस से उसे घर ले जाया गया।

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत