महिला लोको पायलट ने यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी मुख्य लोको निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

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महिला लोको पायलट ने यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी मुख्य लोको निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 01:41 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 01:41 PM IST

(जीवन प्रकाश शर्मा)

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) दक्षिण रेलवे के सेलम मंडल के मुख्य लोको निरीक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला सहायक लोको पायलट ने हाल में संबंधित अधिकारी के समक्ष एक नयी अपील दायर कर आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महिला का आरोप है कि मुख्य लोको निरीक्षक ने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उसका यौन उत्पीड़न किया।

यह घटना पिछले साल 13 सितंबर को एक परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम परीक्षा के दौरान हुई थी। महिला की प्रारंभिक शिकायत के आधार पर आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने आरोपी अधिकारी के केवल तबादले और चेतावनी जारी करने की सिफारिश की है।

समिति की इसी रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए पीड़िता ने सेलम के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के समक्ष हाल में नयी अपील दायर की है और आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

आईसीसी ने महिला का बयान दर्ज करते कहा, ‘‘मुख्य लोको निरीक्षक टी. सेल्वाराज ने कथित तौर पर महिला के माथे, कंधे, होठ और अन्य अंगों को स्पर्श किया।’’

हालांकि, महिला ने सेलम मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष अपनी अपील में कहा, ‘‘यह घटना मात्र छूना या शारीरिक संपर्क नहीं थी, बल्कि यह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 75 के तहत परिभाषित गंभीर यौन उत्पीड़न और मेरी मर्यादा भंग करने के इरादे से किया गया हमला था।’’

अपनी प्रारंभिक शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम परीक्षा के दौरान उसे अकेला पाकर सेल्वाराज ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया।

इसी आधार पर सेलम के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता ने आईसीसी (आंतरिक शिकायत समिति) गठित की।

पीड़िता ने समिति को बताया कि परीक्षा पूरी करने के बाद जब वह घर लौटी तो सेल्वाराज ने उसे फोन किया और अपने कृत्यों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी और उससे घटना को ‘‘भूल जाने’’ का अनुरोध किया।

महिला द्वारा प्रस्तुत कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से इन दावों की पुष्टि करते हुए समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सेल्वाराज ने सभी आरोपों को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इसलिए, आईसीसी का मानना ​​है कि टी सेल्वाराज, सीएलआई/ईडी के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध हो गए हैं।’’

आईसीसी ने सेल्वाराज का सेलम मंडल के इरोड डिपो से तबादला करने और भविष्य में इस तरह के दुर्व्यवहार या शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी करने की सिफारिश की।

आईसीसी की तथ्यान्वेषण जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए दक्षिण रेलवे ने आरोपी कर्मचारी का कोयंबटूर तबादला कर दिया और भविष्य में इस तरह के दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी की।

समिति ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए कार्यालय परिसर में उचित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी सिफारिश की।

अपनी अपील में महिला ने समिति की सिफारिशों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि अपराध साबित होने के बाद भी अपराधी को सिर्फ चेतावनी देने की सिफारिशें बेहद पीड़ादायक हैं।

इसे कानूनी आपराधिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन बताते हुए महिला ने कहा, ‘‘यह उनकी सोची-समझी साजिश थी। मुख्य लोको निरीक्षक को अच्छी तरह पता था कि इरोड स्थित कर्मीदल बुकिंग कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित कर्मीदल नियंत्रक के कार्यालय में कोई नहीं होगा। उन्होंने मुझे मेरा परिचयात्मक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए बुलाया था।’’

महिला ने यह भी बताया कि वह किसी तरह कार्यालय से बाहर निकल पाई।

आईसीसी पर मामले को हल्के में लेने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ उत्पीड़न उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर सीधा हमला था।

कर्मीदल नियंत्रक द्वारा जांच रिपोर्ट की प्रति सार्वजनिक रूप से सौंपे जाने पर भी उन्होंने हैरानी जताई और कहा कि ऐसे मामलों में गोपनीयता का पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में गोपनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

भाषा

सुरभि खारी

खारी