उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में लड़की से बलात्कार और हत्या के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज

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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में लड़की से बलात्कार और हत्या के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 03:17 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 03:17 PM IST

लखनऊ, 25 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

इस बीच पुलिस-प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में कुछ दिन पहले विश्वकर्मा समाज की एक लड़की से कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था।

राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वह 29 अप्रैल को कटारिया गांव पहुंचकर पीड़िता के परिवार से मुलाकात करेंगे।

इससे पहले सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में गया जहां पथराव की घटनाएं सामने आईं।

इस बीच, शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या, और फिर परिवार को प्राथमिकी दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियां, हिंसा। हाथरस, कठुआ, उन्नाव और आज ग़ाज़ीपुर, यह एक पैटर्न है। मणिपुर की बेटी ने न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ दिया।’

गांधी ने इसी पोस्ट में दावा किया, ‘हर बार वही चेहरा – पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी, ग़रीब। हर बार वही सच्चाई – अपराधी को संरक्षण, पीड़ित को प्रताड़ना। हर बार वही चुप्पी – सत्ता की, जिन्हें बोलना चाहिए था।’

उन्होंने कहा, ‘जिस देश और प्रदेश में मां-बाप को अपनी बेटी की प्राथमिकी लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो, परिवार को सुरक्षा मिले, उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत न्याय मिले। मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए – आपके राज में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं? ऐसे हालात में न्याय माँगा नहीं, छीना जाता है, और हम छीनकर लाएंगे।’

वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर इसी मामले पर लिखा, ‘गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में एक लड़की की हत्या के मामले में पहले केस दर्ज होने में आनाकानी, फिर पीड़ित परिवार को धमकियां मिलना और दबंगों द्वारा अराजकता फैलाना यह दिखाता है कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर है।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा राज में अब यही अघोषित कानून बन गया है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है तो पीड़ित को ही और प्रताड़ित किया जाता है।’

वाद्रा ने कहा, ‘महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री जी की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ दिखावा हैं। उन्नाव हो, हाथरस हो, प्रयागराज हो या गाजीपुर, जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, भाजपा अपनी पूरी सत्ता के साथ पीड़िता के खिलाफ, अत्याचारी के साथ खड़ी हो गई। देश भर की महिलाएं ये अंधेरगर्दी देख रही हैं।’

समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा था कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जिले के कटारिया गांव में जाकर पीड़िता के परिजन से मुलाकात करेंगे।

इस बीच वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र में 14-15 अप्रैल की रात एक लड़की गायब हो गई थी और सुबह लगभग साढ़े पांच बजे यहां से तीन किलोमीटर दूर गंगा नदी के पुल के पास उसका शव मिला।

उन्होंने कहा कि परिजन की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मोर्डिया ने कहा, ‘इस संबंध में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतका के परिजन से मुलाकात की, उसके पिता से काफी लंबी बातचीत हुई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और उसी के आधार पर कार्रवाई गई ,जिसपर उन्होंने संतुष्टि प्रकट की।’

एडीजी ने कहा कि, ‘साथ ही उन्होंने यह अनुरोध किया कि त्वरित अदालत में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द आरोपी को सजा दिलाई जाए।’

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ बाहरी लोगों ने गांव में अशांति फैलाने का प्रयास किया।

भाषा आनन्द नेत्रपाल जोहेब

जोहेब