विदेशों में 2,500 स्थानों पर मनेगा योग दिवस, कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से मोदी करेंगे नेतृत्व
विदेशों में 2,500 स्थानों पर मनेगा योग दिवस, कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से मोदी करेंगे नेतृत्व
कोलकाता/नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) दुनिया भर में लगभग 2,500 जगहों पर 210 से ज़्यादा भारतीय मिशन 21 जून को ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’ (आईडीवाई) का आयोजन करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता के मशहूर ‘रेड रोड’ से मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ का 12वां संस्करण भारत और दुनिया भर में ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ थीम के तहत मनाया जाएगा। अकेले कोलकाता में ही एक साथ होने वाले योग सत्रों में लगभग 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
‘रेड रोड’ पर राष्ट्रीय समारोह सुबह पांच बजे शुरू होगा, जिसमें लगभग 35,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मोदी ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ (सीवाईपी) का नेतृत्व करेंगे, जो स्वास्थ्य और सेहत के लिए योग को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में बढ़ावा देने की भारत की कोशिशों में एक और अहम पड़ाव होगा।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक भलाई को बढ़ावा देने वाले एक वैश्विक आंदोलन के रूप में योग की बढ़ती भूमिका को और मज़बूत करेगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष की थीम एक निवारक स्वास्थ्य सेवा के तौर पर योग के योगदान को रेखांकित करती है, जो शारीरिक ऊर्जा, मानसिक मज़बूती और भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाता है।
मोदी कल इस अवसर पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर देश में ही डिजाइन और तैयार किए गए नौसेना के तीन जहाज़ों को भी सेवा में शामिल करेंगे।
प्रधानमंत्री ने तारकेश्वर में शनिवार को ‘पश्चिमबंग दिवस’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य भर के लोगों से योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित करने और उनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस बार वह यहीं योग दिवस में शामिल होंगे।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि बंगाल में हर जगह, हर कोने में योग दिवस का जश्न मनाया जाए।’’ उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे योगियों की यह धरती पूरी दुनिया को मार्गदर्शन देने वाला संदेश देगी।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्य समारोह से पहले, मंत्रालय के ‘योग संगम पोर्टल’ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है; इसके तहत संगठनों के पंजीकरण का आंकड़ा छह लाख के पार पहुंच गया है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
मंत्रालय ने बताया कि ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026’ में दुनिया भर से जबरदस्त भागीदारी देखने को मिल रही है। ‘भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद’ (आईसीसीआर) के समन्वित प्रयासों से भारतीय मिशन दुनिया भर में लगभग 2,500 जगहों पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
समारोह में सांस्कृतिक पहलू को जोड़ते हुए, संस्कृति मंत्रालय, ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण’ (एएसआई) के सहयोग से देश भर की 100 प्रमुख जगहों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
भारत की सांस्कृतिक विरासत को योग की सदियों पुरानी परंपराओं से जोड़ने के लिए, नयी दिल्ली के लाल किले, हरिद्वार, कोणार्क, हम्पी, महाबलीपुरम, मुंबई, नालंदा, अहमदाबाद, सारनाथ, लेह, हैदराबाद और सिलचर जैसी 12 प्रमुख जगहों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समग्र स्वास्थ्य और सेहत को बढ़ावा देने की कोशिशों के तहत, ‘रेड रोड’ पर हिस्सा लेने वालों को ‘आयुष आहार’ भी दिया जाएगा।
आयुष मंत्रालय ने सभी क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी संख्या में शामिल होने और ‘‘स्वस्थ जीवन के लिए योग’’ के संदेश को मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया है, साथ ही दुनिया भर के लोगों को योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
बयान में कहा गया है कि 2015 में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के तौर पर मनाने के भारत के प्रस्ताव को अपनाया, तब से प्रधानमंत्री ने नयी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम समेत कई जगहों पर इन आयोजनों की अगुवाई की है।
भाषा
सुरेश माधव
माधव

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