लोहिया की टिप्पणी को लेकर योगी ने साधा सपा पर निशाना

लोहिया की टिप्पणी को लेकर योगी ने साधा सपा पर निशाना

लोहिया की टिप्पणी को लेकर योगी ने साधा सपा पर निशाना
Modified Date: April 29, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: April 29, 2026 9:38 pm IST

अयोध्या (उप्र), 29 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी विचारक डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की भगवान राम, शिव और कृष्ण को लेकर की गयी एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा।

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के अंदर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने के लिए आये आदित्यनाथ ने सपा का नाम लिए बगैर उस पर हमला किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”डॉक्टर लोहिया कहते थे कि जब तक श्री राम, श्री कृष्ण और शिवशंकर मौजूद हैं तब तक कोई भी भारत को ज़रा सा भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता। मुझे नहीं पता कि लोहिया जी के अनुयायी यह बात समझते हैं या नहीं।”

उन्होंने कहा, ”वे इसे नहीं समझेंगे। इसे केवल वही लोग समझते हैं जिनमें समझने की क्षमता होती है। एक रामद्रोही और शिवद्रोही के लिए कहीं भी कोई पनाह नहीं है।”

राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ”इस आंदोलन में हमने जाति, क्षेत्र और भाषा की दीवारों को टूटते देखा है। हम आज भी उस जोश को महसूस कर सकते हैं। जब भी हम देश के किसी भी हिस्से में जाते हैं। चाहे वह अरुणाचल प्रदेश हो, ओडिशा, नागालैंड, मिज़ोरम, कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, या छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके जैसे बस्तर हों, उनका पहला शब्द होता है ‘जय श्री राम’।”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान उन्होंने दूर-दराज के कई गांवों का दौरा किया और जैसे ही लोगों को उनके आने की खबर मिली तो वे सड़कों पर निकल आए और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगे।

आदित्यनाथ ने कहा, ”हर एक व्यक्ति ने एक ही तरह से अभिवादन किया। चाहे उसे हिंदी आती हो या नहीं, लेकिन उनका अभिवादन एक ही रहा। मुझे देखते ही उन्होंने कहा ‘जय श्री राम’। कितना सुखद अनुभव था। राम वह माध्यम बन गए हैं जो हम सभी को एक सूत्र में पिरोते हैं।”

अयोध्या में राम मंदिर मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले की ओर इशारा करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि जब न्यायालय ने श्री राम जन्मभूमि के संबंध में सर्वसम्मति से अपना फैसला सुनाया तो पूरे देश और पूरी दुनिया में खुशी की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ”जो लोग पहले धमकी देते थे, डराते थे और गुमराह करते थे, राम जन्मभूमि फ़ैसले के गंभीर परिणामों की चेतावनी देते थे, और यहां तक कि (इसका विरोध करने के लिए) वकील भी खड़े किए थे… ये वही लोग हैं जिन्होंने राम सेतु को तोड़ने की कोशिश की थी।”

उन्होंने कहा, ”मैं कह सकता हूं कि जिस दिन राम मंदिर का फैसला सुनाया गया वह भारत के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण और सबसे खुशी भरे दिनों में से एक था।”

आदित्यनाथ ने कहा, ”हम सभी पांच अगस्त 2020 के गवाह हैं। दुनिया कोविड महामारी के असर से जूझ रही थी, फिर भी अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भगवान राम के भव्य मंदिर का ‘भूमिपूजन’ योजना के अनुसार ही संपन्न हुआ।”

भाषा सलीम शोभना

शोभना


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