युवा नेतृत्व में अनुशासन, प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जुनून होना चाहिए : गहलोत
युवा नेतृत्व में अनुशासन, प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जुनून होना चाहिए : गहलोत
जयपुर, 28 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि देश को चलाने के लिये युवा नेतृत्व में अनुशासन, प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जुनून होना चाहिए जबकि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी इन गुणों के साथ तैयार किया जाना चाहिए।
गहलोत ने मंगलवार को राजस्थान युवा बोर्ड (युवा मामले एवं खेल विभाग, राजस्थान सरकार) के अंतर्गत ‘राजीव गांधी यूथ एक्सीलेंस सेंटर’ का शिलान्यास करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा , ‘‘ हमारा प्रयास होगा कि आने वाले वक्त में प्रदेश अच्छे प्रतिबद्धता वाले नेतृत्व के हाथों में सुरक्षित रहे.. यह हम सब की भावना होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि जनता के आर्शीवाद से वह तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि जब तक वह मुख्यमंत्री है वह गरीबों, वंचितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करे।
गहलोत ने कहा,‘‘मुझे उम्मीद है कि युवा नेतृत्व अनुशासित, प्रतिबद्ध, देश सेवा में जज्बा रखने वाला, संवेदनशील होगा। इस प्रकार की भावना के साथ अगर हम लोग राजनीतिक कार्यकर्ता का भला करेंगे तो मैं समझता हूं हमारे प्रदेश का भला होगा।राज्य को प्रतिबद्ध नेतृत्व के हाथों सुरक्षित रहना चहिए।’’
उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अगले साल युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर युवा केन्द्रित बजट पेश करने पर रहेगा। उन्होंने युवाओं से संवाद करने, चर्चा करने और अन्य राज्यों में युवा केंद्रित योजनाओं के बारे में प्रतिक्रिया लेने और राज्य सरकार को इस उद्देश्य के लिए सुझाव देने के लिये कहा।
उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व होना चाहिए कि अमीर हो या गरीब हो, सबको आगे बढने का समान अवसर मिले .. सरकार के फैसले ऐसे होने चाहिए कि जिससे कि उसमें भेदभाव नहीं हो।
स्थानीय युवाओं की रोजगार में आरक्षण की मांग पर गहलोत ने कहा, ‘‘ आरक्षण उच्चतम न्यायालय के आदेश से हो नहीं सकता परन्तु कुछ राज्यों ने शुरुआत की है अभी वो सिर्फ अपने वहां के बच्चों को ही भर्ती देंगे.. वो उच्चतम न्यायालय के भावना के हिसाब से ठीक नहीं है. मैं उसका परीक्षण करवा रहा हूं। ’’
उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति बनी देश के अंदर तो राजस्थान पहला ऐसा राज्य होगा जो स्थानीय बच्चों के लिए पूरा आरक्षण करेगा.. राजस्थान के बच्चों की ही नौकरियां मिलनी ही चाहिए।
निर्दलीय विधायक बलजीत यादव स्थानीय युवाओं को नौकरी के लिये आरक्षण की मांग उठा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को समान अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है और उनकी सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही हैं।
गहलोत ने सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ योजना’ को एक प्रयोग बताते हुए इसे लागू करने के लिये राजग सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फैसले से पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए थी।
भाषा कुंज
राजकुमार
राजकुमार

Facebook


