नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) परीक्षाओं में गड़बड़ी को केवल एक लक्षण करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने मंगलवार को कहा कि यह सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक जैसे संकट को शिक्षा व्यवस्था में आमूल चूल सुधार के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सूर्या ने यह भी कहा कि देश का युवा जानता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने जा रही है।
उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ पिछले दिनों दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं युवाओं से सीधे-सीधे यह बात कहना चाहता हूं कि उन्होंने सरकार से सवाल पूछकर और जवाबदेही की बात करके सही किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने नीट प्रश्नपत्र लीक को पाप कहा था और सरकार ने अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार के प्रयास शुरू कर दिए। नीट पेपर लीक की गड़बड़ी से कोई इनकार नहीं कर रहा। इसकी जिम्मेदारी से कोई नहीं बच रहा। हम इस संकट को शिक्षा व्यवस्था में आमूल चूल सुधार के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधार ला रही है ताकि अगली बार नीट परीक्षा में कोई दिक्कत नहीं आए।
सूर्या ने सदन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘मैं पूछना चाहता हूं कि 2010 में संप्रग सरकार ऐसा ही विधेयक लाई थी और अगर आपको बच्चों के भविष्य की इतनी ही चिंता थी तो उसे पारित क्यों नहीं कराया।’’
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी केवल एक लक्षण है, असल दिक्कत शिक्षा व्यवस्था में है, उसे सुधारना है।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि देश में इतने सालों तक रही पुरानी शिक्षा व्यवस्था कांग्रेस की दी हुई विरासत है और मोदी सरकार में 2020 में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) से शिक्षा प्रणाली को आमूल-चूल तरीके से बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुरानी शिक्षा व्यवस्था के तहत केवल तीन घंटे की परीक्षा से छात्रों की तीन साल की पढ़ाई का निष्कर्ष निकाला जाता है, लेकिन एनईपी में परीक्षा की प्रकृति में बुनियादी बदलाव की बात है और अगले कुछ साल में पूरी व्यवस्था बदल जाएगी।
सूर्या ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में एनईपी पूरी तरह लागू होने के बाद बच्चे परीक्षा का दबाव महसूस नहीं करेंगे।’’
उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरना प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कोई मंच नहीं मिला तो वह प्रधानमंत्री के आवास के बाहर बैठ गए, लेकिन कुछ साल पहले राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के समय जब प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए तब ‘‘राहुल गांधी कहां थे’’?
सूर्या ने कहा कि वह ‘जेन जेड’ की भाषा में कहना चाहते हैं कि विपक्ष को लगता है कि आज का युवा उनके साथ है, लेकिन इससे बड़ा ‘डेलुलू’ दूसरा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘युवा जानते हैं कि अगर कोई उनके पक्ष में काम कर रहा है तो प्रधानमंत्री मोदी और मोदी सरकार हैं।’’
‘डेलुलू’ एक इंटरनेट स्लैंग (बोलचाल का शब्द) है, जो अंग्रेजी के शब्द ‘डेल्यूजन’ (भ्रम) से बना है।
भाषा
वैभव हक
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