नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि जब भी वह राष्ट्रपति भवन में या विभिन्न राज्यों की यात्रा के दौरान युवाओं से संवाद करती हैं, तो उन्हें नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने और राष्ट्र तथा समाज की प्रगति के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, मुर्मू राष्ट्रपति भवन में अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित स्मारक पुस्तकों के पहले सेट के विमोचन समारोह को संबोधित कर रही थीं।
इन पांच पुस्तकों का विमोचन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मू और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन की उपस्थिति में किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि 25 जुलाई 2022 को पदभार ग्रहण करने के बाद से उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी की भावना के साथ किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह पद सम्मान से भी बढ़कर एक जिम्मेदारी है।
बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि वह महिलाओं से भी आत्मनिर्भर बनने और आत्मविश्वास के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने का आग्रह करती हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों के लोगों से बातचीत के दौरान वह उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए देश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
स्मारक पुस्तकों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इनके शीर्षक समावेशी लोकतंत्र में विश्वास को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये पुस्तकें पाठकों को राष्ट्रपति भवन की परंपराओं, उसकी कार्यप्रणाली और उसके विभिन्न आयामों से परिचित कराएंगी।
जिन पुस्तकों का विमोचन किया गया, उनमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘राष्ट्रपति भवन : राष्ट्र का भवन’, ‘सेवा और संवेदना’, ‘समावेशी सहभागिता’ और ‘भारतीयता का उत्सव’ शामिल हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रपति पर आधारित लेखों के संकलन वाली ओड़िया भाषा की पुस्तक ‘आमा राष्ट्रपति आमा गौरव’ का भी विमोचन किया गया।
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