तिरुपति में लड्डू के लिए घी में मिलावट के मामले में वाईएसआरसीपी दूसरों पर दोष मढ़ रहा : नायडू
तिरुपति में लड्डू के लिए घी में मिलावट के मामले में वाईएसआरसीपी दूसरों पर दोष मढ़ रहा : नायडू
विनुकोंडा (आंध्र प्रदेश), 21 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) नेताओं पर तिरुपति में लड्डू (प्रसाद) बनाने में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट के मामले में दूसरों पर दोष मढ़कर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करने का शनिवार को आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने पलनाडु जिले के विनुकोंडा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि वाईएसआरसीपी नेताओं ने तिरुपति लड्डू में मिलावट की जांच में कई बाधाएं खड़ी कीं और यहां तक कि उच्चतम न्यायालय का रुख भी किया।
नायडू ने स्वर्ण आंध्र स्वच्छ आंध्र कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दल के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लड्डू को बनाने में इस्तेमाल घी में मिलावट की गलती से बचने के लिए वे इसे दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि क्या करना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) नीत विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पाया कि तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करने वाली तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को घी के रूप में आपूर्ति किया गया पदार्थ बिल्कुल भी शुद्ध घी नहीं था।
उन्होंने इस मुद्दे को पिछली वाईएसआरसीपी सरकार से चली आ रही ‘‘वंशानुगत समस्या’’ बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 और 2024 के बीच मिलावटी लड्डू परोसे गए थे।
नायडू ने दक्षिणी राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजक) विधायक दल की 2024 में हुई बैठक के दौरान आरोप लगाया था कि पिछली सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और करोड़ों भक्तों द्वारा पसंद किए जाने वाले लड्डू (प्रसाद) तैयार करने में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया।
इन आरोपों से पूरे देश में एक बड़ा विवाद उपज गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं, जिसके चलते उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है।
भाषा यासिर रंजन
रंजन

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