Zomato Platform Fee Hike : सावधान! जोमैटो ने फिर बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, जानें अब हर ऑर्डर पर आपको कितने एक्स्ट्रा पैसे देने होंगे
ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को अब हर ऑर्डर पर ज्यादा भुगतान करना होगा, क्योंकि Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दी है। इसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा
Zomato Platform Fee Hike / Image Source : FILE
- Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर 14.90 प्रति ऑर्डर कर दी।
- Swiggy पहले से लगभग ₹15 प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है।
- पैरेंट कंपनी Eternal के शेयर 230.10 से बढ़कर ₹236.70 तक पहुंचे।
नई दिल्ली: Zomato Platform Fee Hike अगर आप भी घर बैठे ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपकी जेब ढीली कर सकती है। फूड डिलीवरी दिग्गज Zomato ने एक बार फिर अपनी प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा कर दिया है। अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर पहले के मुकाबले 2.40 ज्यादा चुकाने होंगे। वहीं, प्रतिद्वंदी कंपनी Swiggy भी पीछे नहीं है, जो पहले से ही लगभग 15 प्रति ऑर्डर वसूल रही है।
क्या है नई फीस ?
जोमैटो ऐप के ताजा अपडेट के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस अब ₹12.50 से बढ़कर ₹14.90 प्रति ऑर्डर हो गई है। Zomato News सितंबर 2025 के बाद यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है। यह एक फिक्स चार्ज होता है जो डिलीवरी चार्ज और टैक्स के अलावा जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि LPG और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण डिलीवरी पार्टनर्स और रेस्टोरेंट्स पर दबाव बढ़ रहा है, जिसकी भरपाई कंपनियां ग्राहकों से कर रही हैं।
कंपटीशन और बाजार का हाल
बाजार में जहां जोमैटो और स्विगी अपनी फीस बढ़ा रहे हैं, वहीं Rapido ने बेंगलुरु में अपनी Ownly सर्विस के साथ जीरो प्लेटफॉर्म फीस मॉडल पर एंट्री की है। यह नया मॉडल जोमैटो और स्विगी के एकाधिकार को चुनौती दे सकता है।
शेयर बाजार में हलचल
इस घोषणा का सीधा असर जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal के शेयरों पर देखने को मिला। शुक्रवार को कंपनी के शेयर ₹230.10 से उछलकर ₹236.70 तक पहुंच गए। आज 20 मार्च को बाजार बंद होने तक शेयर 1.49% की बढ़त के साथ ₹232.30 पर ट्रेड कर रहे थे।
इन्हें भी पढ़ें:-
- Vande Bharat : बंगाल में चुनावी जंग.. शुरू ‘पावर गेम’! भवानीपुर में ममता-सुवेंदु के बीच जंग, इस बार ढहेगा या फिर बचेगा ‘दीदी’ का किला? देखिए वीडियो
- शहमात The Big Debate: धर्मांतरण पर विधेयक पास.. किस-किसकी अटकी सांस? विपक्ष ने किया कार्यवाही का बहिष्कार, जानिए पुराने कानून से कितना अलग ये धर्म स्वातंत्र्य विधेयक
- शह मात The Big Debate: ‘मुस्लिम दुकानों से ही खरीदारी’..अब ईद वाली सियासत जारी! तौकीर निजामी का विवादित बयान, क्या देश में हर त्योहार में होता रहेगा हिंदू-मुसलमान?

Facebook


