शह मात The Big Debate: ‘मुस्लिम दुकानों से ही खरीदारी’..अब ईद वाली सियासत जारी! तौकीर निजामी का विवादित बयान, क्या देश में हर त्योहार में होता रहेगा हिंदू-मुसलमान?

'मुस्लिम दुकानों से ही खरीदारी'..अब ईद वाली सियासत जारी! तौकीर निजामी का विवादित बयान, MP Eid Controversy Hindu Muslim Vivad

शह मात The Big Debate: ‘मुस्लिम दुकानों से ही खरीदारी’..अब ईद वाली सियासत जारी! तौकीर निजामी का विवादित बयान, क्या देश में हर त्योहार में होता रहेगा हिंदू-मुसलमान?
Modified Date: March 19, 2026 / 11:37 pm IST
Published Date: March 19, 2026 11:37 pm IST

भोपालः MP Eid Controversy मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रमजान और ईद के पहले मुस्लिम संगठन के एक नए नवेले नेता के बयान के बाद नई जुबानी जंग छिड़ गई है। दरअसल, AIMIM नेता और अहले सुन्नत, मुस्लिम संगठन के प्रदेश महासचिव तौकीर निजामी ने मुसलमानों से अपील की है कि रमजान और ईद की खरीदारी केवल मुस्लिम व्यापारियों से ही करें, जिससे कौम मजबूत होगी।

MP Eid Controversy मुस्लिम नेता के बयान के बाद संस्कृति बचाओ मंच ने मोर्चा संभाला। दो टूक कह कहा कि अब मुसलमानों की असल नीयत सामने आ गई है। पहले ये- मस्जिदों से फतवा जारी करते थे, पांपलेट बांटते थे, अब खुलेआम हिंदुओं के बहिष्कार की बात कर रहे हैं। ऐसे में सनातनी हिंदुओं को पूरी तरह से मुस्लिम दुकानदारों के बहिष्कार का संकल्प लेना चाहिए।

वहीं अब ईद और रमजान के मौके पर हिंदुओं के बॉयकॉट को लेकर सियासत भी गरमा गई है। बीजेपी कह रही है कि-तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों के इशारे पर बंटवारे की राजनीति हो रही है। कांग्रेस कह रही है कि- पहले मुस्लिमों के बहिष्कार की बातें बीजेपी से जुड़े संगठन करते थे और अब मुस्लिम कर रहे हैं। ये हमारी परंपरा को तोड़ने वाला है। सियासी जंग से इतर सवाल ये कि मुस्लिम संगठनों की ओर से ईद और रमजान पर केवल मुस्लिमों से ही खरीदारी करने की अपील क्या साम्प्रदायिक तनाव को नहीं बढ़ाएगी? सवाल ये भी कि क्या ये क्रिया की प्रतिक्रिया है याकि इसके पीछे उकसावे की राजनीति है? सबसे बड़ा सवाल ये कि मुस्लिम संगठन की अपील क्या लाइमलाइट में आने की मुहिम है, याकि खुद को मुसलमानों का नया रहनुमा पेश करने का सियासी स्टंट है?

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