जुबिन के परिवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, गायक की मौत के मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की

जुबिन के परिवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, गायक की मौत के मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की

जुबिन के परिवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, गायक की मौत के मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की
Modified Date: January 24, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: January 24, 2026 5:58 pm IST

गुवाहाटी, 24 जनवरी (भाषा) असम के सांस्कृतिक प्रतीक जुबिन गर्ग के परिवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में उनकी मौत के संबंध में त्वरित सुनवाई और उचित राजनयिक-कानूनी कार्रवाई के लिए एक विशेष अदालत गठित करने का अनुरोध किया।

परिवार ने यह भी अनुरोध किया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक मामले के किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए।

जुबिन की पत्नी गरिमा, बहन पालमी बोरठाकुर और चाचा मनोज बोरठाकुर के हस्ताक्षर वाले पत्र में परिवार ने कहा कि गायक-संगीतकार की मौत से न केवल एक परिवार शोक संतप्त है, बल्कि इसने लाखों लोगों को इस मामले में स्पष्टता और कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए मजबूर किया है।

परिवार ने कहा कि जहां असम पुलिस की सीआईडी ​​गुवाहाटी में मामले की जांच कर रही है, वहीं सिंगापुर के अधिकारी भी अपनी जांच कर रहे हैं और परिवार दोनों न्यायक्षेत्रों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

परिवार ने अब भारत में एक विशेष अदालत के गठन के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है, ताकि मामले में त्वरित सुनवाई और जनता के विश्वास की बहाली सुनिश्चित की जा सके।

जुबिन के परिवार ने उचित न्यायिक और प्रशासनिक उपायों के माध्यम से मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाए जाने का अनुरोध किया है, ताकि न्याय में देरी न हो और समय के साथ दलीलें कमजोर न पड़ें।

परिवार ने यह भी सुनिश्चित करने की भी मांग की है कि न्याय प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए।

उसने असम सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय टीम की सहायता के लिए, यदि आवश्यक हो, तो और अधिक सरकारी वकीलों की नियुक्ति का भी अनुरोध किया है, ताकि मामले की कार्यवाही उच्चतम पेशेवर दक्षता और गंभीरता के साथ की जा सके तथा प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

परिवार ने सिंगापुर के साथ ‘‘सक्रिय राजनयिक और कानूनी सहयोग’’ की मांग की है, ताकि ‘कोरोनर कोर्ट’ में की जा रही सुनवाई की उच्चतम स्तर पर निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रासंगिक सामग्री और गवाहियां भारतीय अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएं, पारस्परिक कानूनी सहायता के सभी वैध रास्ते तलाशे जाएं और क्षेत्राधिकार संबंधी जटिलताएं सच्चाई की राह में बाधा न बनें।

जुबिन की पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे।

राज्य पुलिस की सीआईडी का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है और उसने 12 दिसंबर को अपना आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से चार पर एसआईटी ने हत्या का और एक व्यक्ति पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया है।

भाषा संतोष पारुल

पारुल


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