गुवाहाटी, सात अक्टूबर (भाषा) जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग और उनकी बहन पाल्मे बोरठाकुर ने उन परिस्थितियों के बारे में पूछा है जिनके कारण पिछले महीने सिंगापुर में गायक की मौत हो गई।
उन्होंने मृतक गायक के लिए न्याय की मांग की है।
गरिमा ने अपने फेसबुक पेज पर कहा, ‘‘…हम बहुत जल्द फिर साथ होंगे, गोल्डी (जुबिन को परिवार इसी नाम से पुकारता था)। लेकिन अब, बहुत जल्द मैं/हम सब जानना चाहते हैं कि तुम हमसे दूर क्यों चले गए… क्यों? यह एक बड़ा सवाल है। यह सवाल दिल-रात मेरे मन में गूंजता रहता है। मुझे जवाब चाहिए…।’’
जुबिन की बहन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘जब हम दूसरे जहां में मिलेंगे तो आप मुझे फिर से ‘मोमोन’ (प्यार से पुकारे जाने वाला नाम) कहेंगे… अब हमारा एक ही लक्ष्य है… आपको न्याय दिलाना।’’
उन्होंने लोगों से मानसिक समर्थन देने और जुबिन को न्याय दिलाने में मदद करने का आग्रह किया।
जुबिन की पत्नी ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किए गए दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट चार अक्टूबर को सरकार को यह कहते हुए लौटा दी थी कि यह उनका ‘‘निजी दस्तावेज’’ नहीं है और जांचकर्ता ही यह निर्णय करेंगे कि इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए या नहीं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा था कि सरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर सकती क्योंकि यह कानून का नियम है, लेकिन अदालत से प्रमाणित प्रति प्राप्त की जा सकती है।
जुबिन की मौत के मामले में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी, गायिका अमृतप्रभा महंत और नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत को गिरफ्तार किया गया है।
महंत, शर्मा और कई अन्य के खिलाफ राज्य भर में 60 से अधिक प्राथमिकियां दर्ज की गईं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी को सभी मामलों को सीआईडी को स्थानांतरित करने और गहन जांच के लिए एक समेकित मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।
सीआईडी ने 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय गायक की मौत की जांच के लिए विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी ने गायक से जुड़े कई लोगों को पहले ही सम्मन जारी कर दिया, जिसमें सिंगापुर के असम एसोसिएशन के 11 सदस्यों में से आठ सदस्य भी शामिल हैं, जो जहाज पर गायक के अंतिम क्षणों में उनके साथ थे। उन्हें छह अक्टूबर तक पेश होने के लिए कहा गया था।
सोमवार को यह समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन एसोसिएशन का कोई भी सदस्य एसआईटी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। हालांकि, एक व्यक्ति रूपकमल कलिता ने सीआईडी को सूचित किया है कि वह मंगलवार को उसके समक्ष उपस्थित होंगे।
भाषा
गोला मनीषा
मनीषा