Assam Election Result 2026: असम में करारी हार की ओर कांग्रेस! अपनी भी सीट नहीं बचा पाए PCC चीफ, भाजपा को अब तक इतनी सीटों पर बढ़त

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असम में करारी हार की ओर कांग्रेस! अपनी भी सीट नहीं बचा पाए PCC चीफ, PCC chief Gaurav Gogoi suffers crushing defeat in Assam

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  • Publish Date - May 4, 2026 / 02:50 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 02:50 PM IST

गुवाहाटीः Assam Election Result 2026: असम सहित देश के 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की आज मतगणना हो रही है। अब रुझानों के परिणामों में बदलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जोरहाट सीट पर गौरव गोगोई की करारी हार हुई है। उन्हें BJP प्रत्याशी हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23182 वोटों से मात दी है। दोपहर करीब ढाई बजे आए चुनाव परिणाम में जोरहाट विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी हितेंद्र नाथ गोस्वामी को जहां 69439 वोट मिले हैं तो वहीं गौरव गोगोई को 46257 वोट मिले।वहीं जालुकबारी में वोटों की गिनती के 18 में से 12 राउंड पूरे होने के बाद, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग से 55,035 वोटों से आगे चल रहे हैं। इस नेता ने वोटों की गिनती के शुरुआती दौर से ही अपनी बढ़त बनाए रखी है। अगर सीटों की बात करें तो असम में बीजेपी 100 के आंकड़े के करीब जाती दिखाई दे रही है। कांग्रेस सिर्फ 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

सत्ता का ‘मैजिक नंबर’, 64 सीटों की जंग (Assam Election Result 2026)

Assam Election Result 2026: आपको बता दें कि असम की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। नियम के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए सदन में बहुमत सिद्ध करना होता है। बहुमत के लिए कुल सीटों के आधे से कम से कम एक अधिक सीट की जरूरत होती है। यानी, जिस भी दल या गठबंधन के पास 64 या उससे अधिक विधायक होंगे, वह राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो इसे त्रिशंकु विधानसभा कहा जाता है, जहां चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका अहम हो जाती है।

गठबंधन और क्षेत्रीय दलों का दबदबा

असम में पिछले कुछ चुनावों से गठबंधन की राजनीति का वर्चस्व रहा है। यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच होता है। क्षेत्रवाद की मजबूत जड़ों के कारण क्षेत्रीय दल जैसे असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) अक्सर ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाते हैं। जब हम 64 सीटों के जादुई आंकड़े की बात करते हैं, तो इसमें निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटे दलों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य की जनसांख्यिकी इतनी विविध है कि ऊपरी असम, निचला असम और बराक घाटी- तीनों क्षेत्रों के चुनावी मुद्दे अलग-अलग होते हैं। सत्ता हासिल करने के लिए दलों को इन सभी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ती है।