DMK on TVK-Congress Alliance: टीवीके को कांग्रेस का समर्थन पर भड़की DMK, कहा, ‘स्टालिन ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया’.. पढ़ें और क्या कहा

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DMK Reaction on TVK-Congress Alliance: कांग्रेस के टीवीके समर्थन पर डीएमके नाराज, स्टालिन-राहुल बयान, तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 09:34 AM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 09:50 AM IST

DMK Reaction on TVK-Congress Alliance || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस के टीवीके समर्थन पर डीएमके ने बताया फैसला मूर्खतापूर्ण
  • स्टालिन द्वारा राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने का दावा दोहराया
  • तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तेज हुई राजनीतिक खींचतान

चेन्नई: कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए टीवीके नेता विजय को समर्थन देने की तैयारी में है और इसकी जल्द ही घोषणा की जा सकती है। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। (DMK Reaction on TVK-Congress Alliance) सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख नेताओं की मंगलवार रात हुई एक ऑनलाइन बैठक में इस पर सहमति जताई गई कि विजय को ‘धर्मनिरपेक्ष सरकार’ के गठन के लिए समर्थन देना चाहिए।

डीएमके ने बताया कांग्रेस के फैसले को मूर्खतापूर्ण

वही कांग्रेस के इस फैसले पर पूर्व साथी डीएमके ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने के फैसले पर डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि, “”2016 में कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीटें मिली थीं, हालांकि यह उन्हें आवंटित सीटों के अनुपात में नहीं थीं। भाजपा-आरएसएस राहुल गांधी का मजाक उड़ा रही थी और उन्हें अपशब्द कह रही थी। उस समय हमारे नेता एमके स्टालिन ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, जो एक साहसिक कदम था। उसके बाद से राहुल गांधी का ग्राफ 2024 तक ऊपर चढ़ता चला गया… यह सब डीएमके की जमीनी स्तर पर की गई मेहनत और संसाधनों का नतीजा है, और इसीलिए वे इन पांच सीटों पर जीत हासिल कर पाए।’

सरवनन अन्नादुरई ने आगे कहा, “मैं इसे एक मूर्खतापूर्ण निर्णय कहता हूं। टीवीके को बहुमत के लिए 11 सीटों की जरूरत है। एआईएडीएमके, जिसके पास 47 सीटें हैं, बिना शर्त समर्थन देने को तैयार है। अगर आप विजय हैं, तो आप किसकी बात सुनेंगे? पांच सीटों वाले की या 43 सीटों वाले की? इसलिए मुझे लगता है कि कांग्रेस ने बहुत गलत फैसला लिया है। सिर्फ कुछ लोगों को खुश करने के लिए। वे अपने अहंकार के कारण ऐसा करेंगे और उन्हें तुरंत इसका पछतावा होगा।”

सरकार में शामिल या बाहर से समर्थन, तय नहीं

सूत्रों का कहना है कि इस बारे में अंतिम फैसला बुधवार को किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार अभी इस बात को लेकर मंत्रणा जारी है कि विजय के साथ जाने की स्थिति में सरकार का बाहर से समर्थन करना है या फिर सरकार का हिस्सा बनना है। विजय ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र भेजकर समर्थन का आग्रह किया था। (DMK Reaction on TVK-Congress Alliance) इसको लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी, संगठन महासचिव किसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश के बीच मंत्रणा हुई और फिर कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य इकाई को निर्देश जारी किया कि वह राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय ले। कांग्रेस ने यह भी कहा कि तमिलनाडु का जनादेश धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है और वह भाजपा तथा उसके प्रतिनिधि समूहों को सत्ता से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

तमिलनाडु में जनादेश धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए : कांग्रेस

वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘टीवीके अध्यक्ष विजय ने कांग्रेस से तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने राजनीतिक मिशन में पेरुमथलाईवर कामराज से भी प्रेरणा लेने की बात कही है। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि तमिलनाडु में जनादेश एक ऐसी धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है, जो संविधान की अक्षरशः रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि भाजपा और उसके प्रतिनिधि किसी भी तरह से तमिलनाडु सरकार को न चलाएं। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटें हासिल हुई हैं और उसे सरकार बनाने के लिए 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि कांग्रेस के पांच विधायक निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस फिलहाल द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।

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कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन क्यों देने का फैसला किया?

धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने और भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए।

डीएमके ने कांग्रेस के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

डीएमके ने इसे मूर्खतापूर्ण और गलत राजनीतिक निर्णय बताया।

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को कितनी सीटें चाहिए?

टीवीके को बहुमत के लिए लगभग 10-11 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए।