Samosa Jalebi Warning Labels: क्या सच में समोसा-जलेबी पर सिगरेट की तरह कोई लगेगा वार्निंग लेबल? अब सरकार की ओर आया ये बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

क्या सच में समोसा-जलेबी पर सिगरेट की तरह कोई लगेगा वार्निंग लेबल? Modi government called the news about Samosa Jalebi warning labels fake

Samosa Jalebi Warning Labels: क्या सच में समोसा-जलेबी पर सिगरेट की तरह कोई लगेगा वार्निंग लेबल? अब सरकार की ओर आया ये बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

Samosa Jalebi Warning Labels. Image Source- IBC24 Archive

Modified Date: July 15, 2025 / 05:56 pm IST
Published Date: July 15, 2025 5:56 pm IST

नई दिल्लीः Samosa Jalebi Warning Labels:  तंबाकू स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और इससे कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है। इस तरह का विज्ञापन आपने कई जगह देखा होगा। अब इसी तर्ज पर कैंटीनों और रेस्टोरेंट में समोसे और जलेबी जैसी चीजों के लिए चेतावनी बोर्ड लगाएं जा रहे हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स व मीडिया चैनलों में देखी, पढ़ी और सुनी होगी। लेकिन, भारत सरकार की अधिकृत फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इन खबरों को फर्जी बताया है। एजेंसी ने साफ तौर पर कहा @MoHFW\_INDIA यानि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश, चेतावनी या सलाह नहीं जारी की है।

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Samosa Jalebi Warning Labels:  भारत सरकार की अधिकृत फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने एक्स पर लिखा कि @MoHFW\_INDIA यानि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश, चेतावनी या सलाह नहीं जारी की है। समोसे, जलेबी या लड्डू जैसे किसी खास भारतीय स्नैक को लेकर कोई नकारात्मक बात नहीं कही गई। PIB ने यह भी स्पष्ट किया कि जो एडवाइजरी जारी की गई है, वह सिर्फ खाद्य सुरक्षा को लेकर एक सामान्य दिशा-निर्देश है, और इसका किसी विशेष भारतीय व्यंजन से कोई लेना-देना नहीं है।


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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही ये बात

बता दें कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार समोसा,जलेबी और लड्डू जैसे खाने की चीज़ों पर वॉर्निंग लेबल लगाने जा रही है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात को गलत बताया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है।यह खबर पूरी तरह से अफवाह और झूठी है। सरकार भारतीय स्ट्रीट फूड या परंपरागत खाने को निशाना नहीं बना रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिर्फ एक एडवाइजरी जारी की है। इसका मकसद है कि लोग ऑफिस और कार्यस्थल पर सेहतमंद खाने की आदतें अपनाएं। इसमें कहा गया है कि कैंटीन, कैफेटेरिया, मीटिंग रूम जैसी जगहों पर बोर्ड लगाए जाएं जिनमें बताया जाए कि बहुत ज़्यादा तेल और चीनी वाला खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ये बोर्ड लोगों को याद दिलाने के लिए हैं ताकि वो सोच-समझकर खाना खाएं और मोटापे या बीमारियों से बच सकें। लेकिन ये सारी बातें अफवाहों पर आधारित थी।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।