Tigress in the Temple : इस मंदिर में पूजा करने जाने से कतरा रहे लोग, दूर से ही कर रहे प्रणाम, वजह जान हो जाएंगे हैरान
पेंड्रा : Tigress in the Temple मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की सीमा पर मरवाही वनमंडल के गौरेला रेंज क्षेत्र में बाघिन की लगातार मौजूदगी अब ग्रामीणों में चिंता का विषय बन गयी …

Tigress in the Temple: Image Source- IBC24
पेंड्रा : Tigress in the Temple मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की सीमा पर मरवाही वनमंडल के गौरेला रेंज क्षेत्र में बाघिन की लगातार मौजूदगी अब ग्रामीणों में चिंता का विषय बन गयी है। वहीं बाघिन की मौजूदगी के बावजूद मरवाही वनमंडल के अधिकारियों का लापरवाही सामने आ रहा है। जिसके चलते लोग अधिकारीयों की लापरवाही के चलते नतमस्तक नजर आ रहे है। बाघिन जो कि ज्वालेश्वर मंदिर के आसपास ही लगातार मौजूद है। पिछले चार दिनों में बाघिन ने 2 गाय और कुत्तों का शिकार कर चुकी है।
Tigress in the Temple ज्वालेश्वर मंदिर के आसपास आबादी वाले स्थान पर बाघिन लगातार विचरण कर रही है। मंदिर के पास दुकानों के सामने भी घूम रही है। बाघिन की मूवमेंट पर जहां मध्यप्रदेश के अमरकंटक रेंज की फॉरेस्ट टीम मुस्तैदी से नजर रखकर ग्रामीणों को अलर्ट कर रही है। वहीं छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के अधिकारी बाघिन प्रभावित क्षेत्र में जा तक नहीं रहे हैं। केवल दो बीटगार्ड को भेजकर बाघिन जैसे संरक्षित जानवर की सुरक्षा की खानापूर्ति कर रहे है। वहीं गांव में बाघिन के लगातार मूवमेंट के चलते ज्वालेश्वर मंदिर के पास के दो कच्चे मकान में रहने वाले ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ टूरिज्म विश्राम गृह में शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम इनको किसी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करा रही है।
Tigress in the Temple ये बाघिन पेंच टाईगर रिजर्व से पिछले दिसंबर महीने में छत्तीसगढ़ की सीमा में पहुंची है। बाघिन चार दिनों से इसी क्षेत्र में देखा गया है। जिसे की टाईगर कॉरीडोर भी पहले से ही घोषित किया गया था। हालांकि तीन दशक बाद यहां टाईग्रेस को देखा गया है। वहीं मरवाही वनमंडल के अधिकारियों के लापरवाह रवैये से लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया में बाघिन के कई वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। अब आसपास के लोग इस लापरवाही से नतमस्तक नजर आ रहे है।
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः
उत्तर: बाघिन की मौजूदगी से स्थानीय ग्रामीणों में चिंता का माहौल है, क्योंकि बाघिन ने पिछले कुछ दिनों में गाय और कुत्तों का शिकार किया है। इसके अलावा, बाघिन मंदिर के पास दुकानों और आबादी वाले क्षेत्र में भी विचरण कर रही है।
लेखक के बारे में
टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।
और भी पढ़ें...Web Title: Tigress in the Temple: People who are shying away from going to worship in...
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
और भी पढ़ें ›
Mahanadi Water Management: महानदी जल विवाद को लेकर दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग, सीएम साय और माझी की मौजूदगी में अमित शाह ने की बैठक, इन मुद्दों को लेकर हुई चर्चा
01 Oct 2026 | 9:53 pm
Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप
01 Oct 2026 | 8:24 pm
Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं
01 Oct 2026 | 7:37 pm
Uttar Pradesh News: अब लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी, गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में इन एजेड़ों पर होगी चर्चा
01 Oct 2026 | 7:26 pm
Chaudhary Bhupendra Singh on Akhilesh: ‘अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे’, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भड़के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गिनाए पुराने कारनामे
01 Oct 2026 | 7:14 pm
Uttar Pradesh News: सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात, योगी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ी डिमांड
01 Oct 2026 | 7:06 pm
Rahul Gandhi Balaghat visit: आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी, बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, उठाए स्वास्थ्य और मुआवजे के मुद्दे
01 Oct 2026 | 7:00 pm
Pitru Paksh 2026: क्या आप भी सिर्फ पितृ पक्ष में ही करते हैं तर्पण? जानिए ‘श्राद्ध पक्ष’ के अलावा साल भर पितरों को तृप्त करने के गुप्त अवसर!
01 Oct 2026 | 6:57 pm