Gurugram Traffic Police | Photo Credit: AI
गुरुग्राम: Gurugram Traffic Police हरियाणा के गुरुग्राम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान घायल होकर दिव्यांग हुए गुरुग्राम के रिटायर्ड मेजर हेमेंद्र सिंह (Retired Major Hemendra Singh) ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें गलत तरीके से शराब पीकर वाहन चलाने वाला साबित करने की कोशिश की।
Gurugram Traffic Police रिटायर्ड मेजर का आरोप है कि ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग (Drink and Drive Checking) के दौरान उन्हें और उनकी पत्नी, दो नाबालिग बेटी को आधी रात सड़क पर करीब डेढ़ घंटे तक खड़ा कराया और जब दोबारा रिटेस्ट हुआ तो उसमें निर्दोष साबित हुआ। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल फोन हाथ से छीन लिया और उनका चालान भी काट दिया। जिसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें जाने नहीं दिया और उनके साथ बदलसूकी किया।
पुलिसकर्मियों की इस अपमानजनक व्यवहार से नाराज रिटायर्ड मेजर ने गुरुग्राम पुलिस आयुक्त को ई मेलकर शिकायत किया है और इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायत में कहा कि वह रविवार रात अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ डिनर के लिए निकले थे। इसी दौरान पुलिस की टीम ने उनकी गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका और अल्कोहल जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने जिस ब्रेथलाइजर मशीन का उपयोग किसी अन्य चालक पर किया था, उसी नोजल को बिना बदले उनके लिए इस्तेमाल किया गया।
जांच में 91 mg/100 ml की रीडिंग दिखाई गई, जिसके बाद पुलिस ने चालान की प्रक्रिया शुरू कर दी। रीडिंग पर आपत्ति जताई और नए नोजल के साथ दोबारा जांच की मांग की। उनका कहना है कि काफी बहस के बाद दो बार री-टेस्ट किया गया और दोनों बार रीडिंग केवल 13 mg/100 ml आई, जो कानूनी सीमा के भीतर थी।
जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में दिव्यांग हुए रिटायर मेजर हेमेन्द्र सिंह से गुरुग्राम (हरियाणा) पुलिस ने अभद्रता की। वह फैमिली संग डिनर करके लौट रहे थे। रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। एल्कोहल टेस्ट करने के लिए मुंह में यूज़्ड ब्रेथलाइजर लगा दी। पहली रीडिंग 91 आई। रिटायर… https://t.co/pCREZIx186 pic.twitter.com/4zTKpbQlFO
— Sachin Gupta (@Sachingupta) June 9, 2026