census 2027 , image source: ANI
सिरसा: पूरे देश में जनगणना 2027 (Census 2027) दो चरणों में कराई जाएगी। भारत सरकार ने जनगणना 2027 के संचालन को मंजूरी दे दी है। (Honorarium fixed Census 2027 employees) हरियाणा में जनगणना सर्वेक्षण के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां कर ली है। इसके तहत जनगणना कार्य निदेशालय हरियाणा ने इस कार्य के लिए शिक्षा निदेशालय सहित जिला के उपायुक्तों से शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों का पूरी जानकारी और ब्यौरा मांगा है।
दरअसल, जनगणना कार्य निदेशालय यह काम शिक्षकों को देना चाहता है और इसके लिए 70 हजार कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। (Honorarium fixed Census 2027 employees) ऐसे में यह कहा जा रहा है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी होगी, उनका तबादला नहीं किया जाएगा।
जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। (Honorarium fixed Census 2027 employees) पहले चरण में आवास की सूची और आवास जनगणना जो कि अप्रैल से सितंबर 2026 और जनसंख्या गणना फरवरी 2027 तक चलेगा। जनगणना कार्य निदेशालय पहले चरण को 1 मई 2026 से शुरू करना चाहता है।
इसलिए जनगणना 2027 के 15वें चरण घर-घर सूचीकरण अभियान के दौरान लगभग 70,000 सरकारी कर्मचारियों शिक्षकों की पहचान कर उन्हें जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया जाना है। (Honorarium fixed Census 2027 employees) इसलिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से 15 जनवरी 2026 तक सभी कर्मचारियों की सूची मांगी है। जिसके बाद संबंधित विभागों ने अपनी जानकारी भेज दी है।
मिली जानकारी के अनुसार जनगणना अवधि के दौरान जनगणना अधिकारियों का तबादला नहीं होगा। इसलिए उन कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादला ना होने के संबंध में पत्र जारी किया जाना है। (Honorarium fixed Census 2027 employees) जनगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनगणना पदाधिकारियों को उनके द्वारा आवंटित जनगणना कार्य के सफल समापन के बाद मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए अलग अलग राशि तय की गई। (Honorarium fixed Census 2027 employees) जिसमें गणनाकर्ता, पर्यवेक्षक, जनगणना अधिकारी, राज्य नोडल अधिकारी, प्रधान जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त प्रधान जनगणना अधिकारी, जिला जनगणना अधिकारी, नगर जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी शामिल है।
Honorarium fixed Census 2027 employees: सभी का अलग अलग मानदेय निर्धारित किया गया है। प्रत्येक चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने पर जनगणना कर्मियों को मानदेय प्रदान किया जाएगा।
जनगणना प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के लिए मानदेय 25000/- रुपये तक रहेगा। प्रथम चरण (मकान सूचीकरण व मकानों की गणना) का मानदेय 9000/- रुपए व द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) का मानदेय 16000/- रुपए रहेगा। अन्य पदाधिकारियों के लिए दोनों चरणों में अल—अलग 30 हजार, 45 हजार, 60 हजार और 75 हजार की राशि तय की गई है।