IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : नाना-नानी के घर रहकर पढ़ाई, सुबह 5 बजे से मेहनत! कुसुमलता ने 97.40% लाकर प्रदेश के Top-5 में ऐसे बनाई जगह

धमतरी जिले के ऐतिहासिक गांव कंडेल की बेटी कुशुमलता बिफरे ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ की टॉप-5 मेरिट सूची में जगह बनाई है। सीमित संसाधनों के बीच नाना-नानी के घर रहकर पढ़ाई करने वाली कुशुमलता रोज सुबह 5 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं। उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें IBC24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के तहत 50 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : नाना-नानी के घर रहकर पढ़ाई, सुबह 5 बजे से मेहनत! कुसुमलता ने 97.40% लाकर प्रदेश के Top-5 में ऐसे बनाई जगह

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 :

Modified Date: August 19, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: August 19, 2026 7:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 97.40% अंक हासिल कर कुशुमलता ने छत्तीसगढ़ की टॉप-5 मेरिट में बनाई जगह
  • नाना-नानी के घर रहकर सुबह 5 बजे उठकर करती थीं पढ़ाई
  • IBC24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के तहत मिलेगी ₹50 हजार की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति पत्र

धमतरी : IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 :  प्रतिभा किसी बड़े शहर या महंगे स्कूल की मोहताज नहीं होती अगर हौसले बुलंद हों तो छोटे गांवों से भी बड़ी सफलता की कहानियां निकलती हैं। धमतरी जिले के ऐतिहासिक गांव कंडेल की बेटी कुशुमलता बिपरे ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ में टॉप-5 में जगह बनाई है।  कुसुमलता की इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 जो वर्षों से प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित करने की परंपरा निभा रहा है।

50 हजार रुपये देकर मेधावी छात्राओं को किया जाता है सम्मानित

हर साल IBC24 की ओर से मेधावी छात्राओं को “स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप” के तहत 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है, ताकि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभा के सपनों की राह में बाधा न बने। इस वर्ष कंडेल की होनहार बेटी कुसुमलता बिफरे भी इस प्रतिष्ठित सम्मान की हकदार बनी हैं। संघर्ष, मेहनत और सफलता की यह कहानी सिर्फ एक छात्रा की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है।

12वीं बोर्ड परीक्षा में लाया 97.40 प्रतिशत अंक

धमतरी जिले का ऐतिहासिक गांव कंडेल जहां आज हर घर में खुशी है, हर चेहरे पर गर्व है और हर जुबान पर एक ही नाम है कुसुमलता बिपरे। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली इस प्रतिभाशाली छात्रा ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में टॉप-5 स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि कुशुमलता ने सीमित संसाधनों के बीच रहकर यह मुकाम हासिल किया है। आज उनकी सफलता सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले की उपलब्धि बन चुकी है।

सहकारी समिति में सेल्समैन हैं पिता

कुसुमलता का सफर आसान नहीं था। पिता संतोष बिफरे गरियाबंद जिले के कोसमी गांव में सहकारी समिति में सेल्समैन हैं। माता पावन गंगा गृहिणी हैं। बेहतर पढ़ाई के लिए कुशुमलता को परिवार से दूर नाना-नानी के पास रहना पड़ा। रोज सुबह पांच बजे उठकर पढ़ाई करना, स्कूल के बाद नियमित स्वाध्याय करना और समय का पूरी तरह सदुपयोग करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। परीक्षा के दिनों में उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया। मेहनत रंग लाई और परिणाम आया 97.40 प्रतिशत अंक… जिसके साथ उन्होंने पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा दिया।

सफलता के पीछे नाना का भी बड़ा योगदान

कुसुमलता की सफलता के पीछे उनके नाना का भी बड़ा योगदान है। पुलिस विभाग में सहायक उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हो चुके उनके नाना ने हमेशा उन्हें बेहतर माहौल और मार्गदर्शन देने का प्रयास किया। परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और खुद की मेहनत ने मिलकर इस सफलता की इबारत लिखी है। परिणाम घोषित होते ही रिश्तेदार, शिक्षक और ग्रामीण लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है। कंडेल गांव, जिसने इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई है, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नई मिसाल पेश कर रहा है।

2015 से IBC24कर रहा छात्रों का सम्मान

कुसुमलता की यह उपलब्धि अब उन्हें एक और बड़े सम्मान तक लेकर पहुंचा रही है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करता आ रहा है। “स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप” सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि प्रतिभाओं के सपनों को साकार करने का अभियान है। इस पहल के माध्यम से टॉपर छात्राओं को 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है, ताकि वे आगे की पढ़ाई बिना किसी आर्थिक चिंता के जारी रख सकें। इस वर्ष कुशुमलता बिफरे को भी IBC24 की स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनकी मेहनत की पहचान होने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत भी बनेगा।

मेहनत और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती

आज जब देश और प्रदेश में शिक्षा को लेकर नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं, ऐसे समय में कुशुमलता जैसी बेटियां यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। एक छोटे से गांव से निकलकर प्रदेश की टॉप-5 सूची में जगह बनाना और फिर प्रतिष्ठित स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के लिए चयनित होना, यह बताता है कि मेहनत और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

पूरे प्रदेश को अपनी इस बेटी पर गर्व

कुसुमलता की सफलता हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है और उन माता-पिता के लिए भी संदेश है, जो शिक्षा को भविष्य बदलने का सबसे बड़ा माध्यम मानते हैं। कंडेल की बेटी कुशुमलता बिपरे ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। हौसला, मेहनत और परिवार का साथ हो तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। आज पूरे धमतरी, पूरे छत्तीसगढ़ और पूरे प्रदेश को अपनी इस बेटी पर गर्व है, जिसने अपने नाम के साथ-साथ अपने गांव, अपने जिले और अपने प्रदेश का नाम भी रोशन किया है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.