IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : मेहनत ऐसी कि जिले में बनीं नंबर-1! कार वॉश सेंटर चलाने वाले पिता की बेटी ने 97.6% से रचा कमाल, अब IAS-IPS बनने का सपना

महासमुंद के सरायपाली की शहनाज परवीन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 488 अंक यानी 97.6 प्रतिशत हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया और पूरे प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। कार वॉश सेंटर चलाने वाले पिता की बेटी शहनाज ने घर पर रहकर पढ़ाई की और अब IAS-IPS बनने का सपना देख रही हैं।

Modified Date: August 19, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: August 19, 2026 4:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 500 में 488 अंक यानी 97.6% के साथ जिले में किया टॉप
  • पूरे छत्तीसगढ़ में चौथा स्थान हासिल कर बढ़ाया महासमुंद का मान
  • घर पर रहकर पढ़ाई की, अब IAS-IPS बनने का सपना

महासमुंद : IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली से निकली चमकती हुई किरण का नाम है शहनाज परवीन। 12वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में 488 अंक हासिल कर 97.6 प्रतिशत के साथ जिले में टॉप किया, साथ ही पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

मन में यूपीएससी की तैयारी का जज्बा

शांत स्वभाव और अपने सपनों को नई उड़ान देने वाली शहनाज परवीन बचपन से ही पढ़ाई में काफी आगे रही हैं। शहनाज परवीन सरायपाली के कार वॉशिंग सेंटर के मालिक फिरोज़ खान की बेटी हैं। यह बेटी आज पूरे घर के लिए गर्व बन गई है। मन में यूपीएससी की तैयारी का जज्बा है, साथ ही आईपीएस और आईएएस बनने का सपना साकार करना चाहती हैं।

मेहनत से पाया जा सकता है लक्ष्य

शहनाज परवीन कहती हैं कि लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों न हो, मेहनत से पाया जा सकता है। उन्होंने घर में रहकर ही पूरी पढ़ाई की, साथ ही टीचरों का भी भरपूर सहयोग मिला। आज शहनाज परवीन अपने सपनों को नई उड़ान देकर आईएएस और आईपीएस बनना चाहती हैं। यह बेटी आज लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.