IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : न कोचिंग, न महंगे संसाधन… किसान की बेटी साक्षी ने 472 अंक लाकर किया कमाल! IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप देकर किया सम्मानित

राजनांदगांव के डिलापहरी गांव की साक्षी वर्मा ने सीमित संसाधनों के बीच बिना किसी कोचिंग के 94.40% अंक हासिल कर जिले की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। किसान की बेटी साक्षी अब UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना देख रही हैं।

Modified Date: August 19, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: August 19, 2026 4:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बिना कोचिंग के हासिल किए 94.40% अंक
  • जिले की मेरिट सूची में तीसरा स्थान, 500 में मिले 472 अंक
  • किसान की बेटी साक्षी का सपना UPSC पास कर IAS बनना

राजनांदगांव :यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए।

साक्षी ने  प्राप्त  किए  500 में से 472 अंक

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026  मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर हर कठिनाई को पीछे छोड़ा जा सकता है। इसे सच साबित किया है राजनांदगांव जिले के डिलापहरी गांव की रहने वाली साक्षी वर्मा ने। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई करते हुए साक्षी ने जिले की मेरिट सूची में तीसरा स्थान हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया है। साक्षी ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 500 में से 472 अंक प्राप्त किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 94.40 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उनकी सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी ट्यूशन या कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की। नियमित स्वाध्याय, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

पेशे से किसान हैं पिता

साक्षी के पिता बीकेश्वर वर्मा पेशे से किसान हैं। परिवार की आजीविका का मुख्य आधार महज ढाई एकड़ कृषि भूमि है। इसी छोटी-सी खेती से वे पूरे परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में साक्षी के अलावा उनका एक भाई तुषार वर्मा भी है। सीमित आय के बावजूद माता-पिता ने कभी भी बेटी की पढ़ाई में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने हमेशा साक्षी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर संभव सहयोग दिया।

माता-पिता के विश्वास पर खरी उतरीं साक्षी

साक्षी भी अपने माता-पिता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरीं। बचपन से ही वह पढ़ाई में मेधावी रही हैं। स्कूल में उन्होंने हमेशा प्रथम स्थान प्राप्त किया और कभी दूसरे स्थान पर नहीं रहीं। उनकी लगातार मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन का ही परिणाम है कि आज उन्होंने जिले की टॉप-3 सूची में अपना स्थान बनाया है। साक्षी की इस उपलब्धि से पूरे डिलापहरी गांव में खुशी का माहौल है।

सफलता के लिए ये चीज़ है ज़रूरी

ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि साक्षी ने साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगे संसाधनों से अधिक जरूरी दृढ़ संकल्प और मेहनत होती है। आज पूरे गांव को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। साक्षी की इस सफलता को देखते हुए IBC24 News द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्हें 50 हजार रुपये की स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाएगी।

आगे की पढ़ाई में पैसों का इस्तेमाल करेंगी साक्षी

इस सम्मान को लेकर साक्षी ने खुशी जताते हुए कहा कि वह इस छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग अपनी आगे की पढ़ाई में करेंगी। साक्षी का सपना देश की प्रतिष्ठित UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस अधिकारी बनना है। उनका कहना है कि वह पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी ताकि अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकें और समाज की सेवा करने का अवसर प्राप्त कर सकें। साक्षी की सफलता उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

2015 से दी जा रही है यह स्कॉलरशिप

बता दें कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.