Akhilesh Yadav On Dharmendra Pradhan’s Resgination : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा! बोले- ‘युवाओं ने सरकार को झुका दिया, अब चाहिए ऐसी सरकार’
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह देश के युवाओं की एकजुटता की बड़ी जीत है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं की मांगों के आगे सरकार को झुकना पड़ा और भविष्य में ऐसी सरकार बनने की जरूरत है जो शिक्षा, परीक्षा और युवाओं का भविष्य सुधारे।
Akhilesh Yadav On Dharmendra Pradhan's Resgination
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया।
- युवाओं की एकजुटता को बताया बदलाव की वजह।
- केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर निशाना।
आजमगढ़ : Akhilesh Yadav On Dharmendra Pradhan’s Resgination : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इसे युवाओं की एकजुटता का परिणाम बताते हुए कहा कि यह देश की नई पीढ़ी की बड़ी जीत है। अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं की मांगों के आगे आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा। उन्होंने कहा, “आगे सरकार वही बने जो शिक्षा, परीक्षा और नौजवानों का भविष्य सुधारे।”
#WATCH | Azamgarh, UP | On the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan, Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav says, “This is a victory for the youth. It’s a victory for the new generation who came forward with their demands. The government had to bow down…” pic.twitter.com/IjG9C1u1UV
— ANI (@ANI) July 25, 2026
भावुक हुई प्रियंका
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को भारत के युवाओं और छात्रों के आगे झुकना पड़ा। वाड्रा ने इसे देश के युवाओं और छात्रों की जीत करार दिया, “जो झुके नहीं।” (Priyanka Gandhi on the Education Minister resignation) उन्होंने प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, “युवा नहीं झुके; सरकार को झुकना पड़ा। यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है। जब मैंने यह खबर सुनी तो मैं वास्तव में बहुत खुश हुई। मैं थोड़ी भावुक भी हो गई।”
“Youth of our country have spoken, and no one can ever dare to silence their voice.
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what is right. Don’t ever let your spirit be oppressed, you are the soul of our beautiful nation, stay strong and brave always.”… pic.twitter.com/wzZzfAEHl2
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) July 25, 2026
‘वह सिम्बल थे, यह एक सिंबॉलिक कदम’ : राहुल गाँधी
इसी तरह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे एजुकेशन सिस्टम को फिर से बनाने में एक बहुत बड़ा कदम है। यह एक सिंबॉलिक कदम है क्योंकि वह एक सिंबल थे, लेकिन यह अभी भी एक बड़ा कदम है। मैं हर एक स्टूडेंट, हर एक युवा को बधाई देना चाहता हूं जो सड़कों पर उतरे और डेमोक्रेसी के लिए लड़े, इस देश के भविष्य के लिए लड़े, और संविधान की रक्षा की। मुझे आप पर गर्व है। बहुत बढ़िया… मैं सरकार को याद दिला दूं: अभी भी दो मांगें बाकी हैं।”
#WATCH | On the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “Education Minister Dharmendra Pradhan’s resignation is a huge step in rebuilding our education system. It’s a symbolic step because he was a symbol, but it is still a big… pic.twitter.com/SRMgZoacUE
— ANI (@ANI) July 25, 2026
आज सौपा इस्तीफा
आपको बता दें की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौप दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे कॉकरोच जनता पार्टी की बड़ी जीत मानी जा रही है। (New Union Education Minister Name) बता दें कि इससे पहले नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया था।
क्या लिखा प्रधान ने इस्तीफे में
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।
पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली: धर्मेंद्र प्रधान
उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। (New Union Education Minister Name) पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
कौन होगा नया केंद्रीय शिक्षा मानती
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे है कि, सरकार इसमें देर नहीं करेगी और प्रधान का त्यागपत्र स्वीकार लेगी। लेकिन इस बीच अब नए शिक्षा को लेकर अटकलें शुरू हो गई है। सवाल किया जा रहा है कि, अब धर्मेंद्र प्रधान की जगह पीएम मोदी आखिर किस नेता को शिक्षा मंत्री की कुर्सी सौंप सकते है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए कैबिनेट शिक्षा मंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। (New Union Education Minister Name) राजनीतिक गलियारों और राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नए मंत्री के नाम को लेकर 3 मुख्य संभावनाएं देखी जा रही हैं।
इन्हें मिल सकती है अस्थाई कमान
इनमें पहला कि मंत्रालय की कमान किसी राज्य मंत्री को अस्थायी तौर पर सौंपी जा सकती है। फिलहाल मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) जयंत चौधरी और सुकांत मजूमदार कार्यरत हैं। इनमें से किसी को अस्थायी प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि जब तक नए कैबिनेट मंत्री के नाम पर मुहर नहीं लगती, तब तक यह पोर्टफोलियो सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के पास रह सकता है। आगामी कैबिनेट फेरबदल में किसी सीनियर और अनुभवी नेता को पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
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