Police constable recruitment: पुलिस आरक्षक भर्ती में जिलेवार आरक्षण को चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा गलत जानकारी पर परिणाम भुगतने को तैयार रहें अधिकारी

MP police constable recruitment: जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी से शपथपत्र पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार के दोनों आला अधिकारियों को साफ चेतावनी भी दी है

Police constable recruitment: पुलिस आरक्षक भर्ती में जिलेवार आरक्षण को चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा गलत जानकारी पर परिणाम भुगतने को तैयार रहें अधिकारी
Modified Date: January 28, 2025 / 07:46 pm IST
Published Date: January 28, 2025 7:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी से शपथपत्र पर जवाब मांगा
  • मध्यप्रदेश में साल 2016-17 में 14 हजार 283 पदों पर पुलिस आरक्षकों की भर्ती का विज्ञापन

जबलपुर: Police constable recruitment 2016, मध्यप्रदेश में साल 2016 की पुलिस आरक्षक भर्ती में राज्य की बजाय जिलेवार आरक्षण किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार ने पुलिस आरक्षक भर्ती में जिलास्तर पर आरक्षण लागू कर दिया। जिसमें आरक्षण के कई नियमों का पालन नहीं किया गया।

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याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी से शपथपत्र पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार के दोनों आला अधिकारियों को साफ चेतावनी भी दी है कि अगर पुलिस आरक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर गलत जानकारी दी गई तो दोनों अधिकारी इसका बुरा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इसी के साथ हाईकोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख तय कर दी है।

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बता दें कि मध्यप्रदेश में साल 2016-17 में 14 हजार 283 पदों पर पुलिस आरक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था जिसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 8 हजार 432, एससी के लिए 1 हजार 917, एसटी के लिए 2 हजार 521 और ओबीसी के लिए 1 हजार 411 पदों का प्रावधान है। हांलाकि इनमें से ओबीसी के 889 पदों पर नियुक्ति नहीं दी गई। याचिका में आरोप है कि आरक्षक भर्ती में जिला स्तर पर किए आरक्षण में रोस्टर का पालन भी नहीं किया गया।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com