Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR: टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर पर FIR दर्ज, छत्तीसगढ़ में ठेका दिलाने के नाम पर की लाखों की धोखाधड़ी

Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR: टीम इंडिया के इस पूर्व क्रिकेटर FIR दर्ज, ठेका दिलाने के नाम पर 15 लाख की धोखाधड़ी मामले में फंसे

Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR: टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर पर FIR दर्ज, छत्तीसगढ़ में ठेका दिलाने के नाम पर की लाखों की धोखाधड़ी

Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR: टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर पर FIR दर्ज, छत्तीसगढ़ में ठेका दिलाने के नाम पर की लाखों की धोखाधड़ी /image: Social Media

Modified Date: July 25, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: July 25, 2026 4:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान के खिलाफ दुर्ग में धोखाधड़ी का मामला दर्ज
  • परिवहन ठेका दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी का आरोप
  • अदालत के आदेश के बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की

दुर्ग। Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR: छत्तीसगढ़ में पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान के खिलाफ एक इस्पात कंपनी का परिवहन ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी केशव कोसाले ने बताया कि स्थानीय अदालत के आदेश पर शुक्रवार को मोहन नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘मामले की जांच जारी है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ऐश्वर्या दीवान ने शिकायतकर्ता दिनकर विश्वामित्र की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत दायर याचिका 16 जुलाई को मंजूरी कर ली थी। उन्होंने मोहन नगर पुलिस को मामले की जांच करके अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

जानें पूरा मामला

Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR याचिका के मुताबिक, चौहान ने विश्वामित्र को बताया कि वह एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं और कुछ बड़े उद्योगपतियों से उनके करीबी संबंध हैं। इसमें कहा गया कि चौहान ने दावा किया कि उनकी ‘गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी’ को ओडिशा के क्योंझर जिले में जिंदल स्टील से लौह अयस्क और उसके टुकड़ों के परिवहन के लिए ठेका मिला है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि चौहान ने याचिकाकर्ता को भारी मुनाफे का वादा किया और उसे साझेदार के तौर पर परिवहन व्यापार में निवेश करने के लिए राजी किया। इसमें दावा किया गया है कि चौहान ने याचिकाकर्ता को ‘गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी’ के नाम से जारी किए गए कार्य ऑर्डर के दस्तावेज दिखाए।याचिका में कहा गया कि दस्तावेजों को असली मानकर विश्वामित्र ने 30 जुलाई 2021 को चौहान के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए और उन्हें चेक के जरिये 2.51 लाख रुपये का भुगतान किया।

याचिका के अनुसार, इसके बाद याचिकाकर्ता ने प्रस्तावित परिवहन व्यापार के लिए ‘गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी’ के बैंक खाते में दो किस्तों में 15.01 लाख रुपये अंतरित किए।याचिकाकर्ता के मुताबिक, जब चौहान ने उसके सवालों का संतोषजनक जवाब देना बंद कर दिया, तो उसने जिंदल स्टील लिमिटेड से संपर्क किया। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस दौरान उसे पता चला कि न तो चौहान और न ही ‘गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी’ को कभी कोई ठेका दिया गया है। उसने दावा किया कि उसे दिखाया गया कार्य ऑर्डर जाली और मनगढ़ंत था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने पहले मोहन नगर थाने में और फिर दुर्ग के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन इसके बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण उसे बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत अदालत का रुख करना पड़ा।

Former Cricketer Rajesh Chauhan FIR याचिका में दी गई दलीलों और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि उपलब्ध सामग्री से एक संज्ञेय अपराध होने का संकेत मिलता है। उसने पुलिस को चौहान के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

राजेश चौहान का पक्ष

चौहान ने पूर्व में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था कि यह मामला कारोबार से जुड़ा विवाद है। उन्होंने कहा था, ‘‘शिकायतकर्ता का कुछ पैसा पहले ही लौटाया जा चुका है, जबकि बाकी रकम लौटाने में निजी वजहों से देरी हुई है।’’

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.