Book Reading Earnings: अब किताब पढ़ने पर मिलेंगे पैसे, 15 मिनट रीडिंग पर 76 रुपये की होगी इनकम, आखिर क्यों अपनाया ये तरीका? जानें पूरा मामला

Book Reading Earnings: सिंगापुर में रील्स और शॉर्ट वीडियो के बढ़ते चलन के बीच लोगों को किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की नई पहल शुरू की है। इसमें रोजाना 15 मिनट पढ़ने पर वर्चुअल कॉइन मिलेंगे। इन कॉइन्स को बाद में कैश में बदला जा सकेगा, जिससे पढ़ने की आदत बढ़ेगी।

Book Reading Earnings: अब किताब पढ़ने पर मिलेंगे पैसे, 15 मिनट रीडिंग पर 76 रुपये की होगी इनकम, आखिर क्यों अपनाया ये तरीका? जानें पूरा मामला

(Book Reading Earnings/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: September 16, 2026 / 03:10 pm IST
Published Date: September 16, 2026 3:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • किताब पढ़ने पर मिलेगा रिवॉर्ड
  • 15 मिनट पढ़ने पर 20 कॉइन
  • 1,000 कॉइन = 1 सिंगापुर डॉलर

सिंगापुर: Book Reading Earnings: मोबाइल पर लगातार रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने की आदत के बीच सिंगापुर ने पढ़ने को बढ़ावा देने के लिए एक दिलचस्प पहल शुरू करने की तैयारी की है। यहां लोगों को किताबें पढ़ने के लिए रिवॉर्ड (Book Reading Earnings) देने की योजना बनाई गई है। इसका मकसद लोगों को कुछ समय के लिए स्क्रीन से दूर करना और किताबों को रोजमर्रा की जिंदगी में फिर से शामिल करना है। खास तौर पर वयस्कों और बुजुर्गों को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश होगी।

सितंबर में शुरू होगी नई पहल

दरअसल, सिंगापुर में सितंबर 2026 में एक नई राष्ट्रीय रीडिंग पहल शुरू होने जा रही है। इसी दौरान देश का पहला नेशनल रीडिंग मंथ भी आयोजित किया जाएगा। नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड के मुताबिक, इस अभियान के जरिए लोगों में पढ़ने की आदत को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। योजना की खास बात इसका डिजिटल रिवॉर्ड सिस्टम है, जिसमें पढ़ाई का समय दर्ज करने पर लोगों को वर्चुअल कॉइन मिलेंगे।

15 मिनट पढ़ने पर मिलेंगे कॉइन

इस योजना के तहत कम से कम 15 मिनट पढ़ने पर रोज 20 वर्चुअल कॉइन मिलेंगे। एक दिन में केवल एक रीडिंग सेशन के लिए ही रिवॉर्ड (Book Reading Earnings) दिया जाएगा। जब किसी व्यक्ति के खाते में 1,000 कॉइन जमा हो जाएंगे, तो उन्हें 1 सिंगापुर डॉलर में बदला जा सकेगा। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 76 रुपये होती है। यानी इस योजना का मकसद बड़ी कमाई कराना नहीं, बल्कि पढ़ने के लिए लोगों को प्रेरणा देना है।

रील्स के दौर में किताबों पर जोर

आजकल स्मार्टफोन पर कुछ सेकंड में नया वीडियो सामने आ जाता है। एक रील खत्म होते ही दूसरी शुरू हो जाती है और इसी तरह लोग काफी समय स्क्रीन पर बिताते हैं। इसके उलट किताब पढ़ने के लिए ज्यादा ध्यान और धैर्य की जरूरत होती है। सिंगापुर की यह पहल इसी डिजिटल आदत के बीच पढ़ने को बढ़ावा देने का एक अलग तरीका है। देश पहले भी नेशनल रीडिंग मूवमेंट जैसी योजनाओं के जरिए लोगों को किताबों से जोड़ने की कोशिश करता रहा है।

क्या भारत में भी हो सकता है ऐसा?

सिंगापुर की पहल के बाद भारत में भी सवाल उठ रहा है कि क्या यहां पढ़ने के लिए इसी तरह का रिवॉर्ड सिस्टम (Book Reading Earnings) शुरू किया जा सकता है। भारत में भी शॉर्ट वीडियो और रील्स का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। मेटा के एक सर्वे के अनुसार, 33 शहरों में 3,500 से ज्यादा लोगों में 95 फीसदी यूजर्स रोज रील्स देखते हैं, जबकि 92 फीसदी ने इसे अपना पसंदीदा वीडियो फॉर्मेट बताया। ऐसे में किताब पढ़ने के बदले रिवॉर्ड देने जैसी पहल भारत में भी पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने का एक विकल्प बन सकता है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।