किसान नेता राकेश टिकैत के साथ धक्का-मुक्की, सिर से गिरी पगड़ी, लाठी मारने का भी लगा आरोप

Attacks on Rakesh Tikait: आरोप है कि राकेश टिकैत ने पिछले दिनों पहलगाम हमले पर आपत्तिजनक प्रतिक्रिया दी थी और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। हिंदू संगठन इस बयान से काफी आक्रोशित थे।

किसान नेता राकेश टिकैत के साथ धक्का-मुक्की, सिर से गिरी पगड़ी, लाठी मारने का भी लगा आरोप

Attacks on Rakesh Tikait, image source: sachin gupta X

Modified Date: May 2, 2025 / 07:18 pm IST
Published Date: May 2, 2025 7:09 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पहलगाम हमले पर आपत्तिजनक प्रतिक्रिया
  • पुलिस ने राकेश टिकैत को सुरक्षित निकाल लिया

मुजफ्फरनगर: Attacks on Rakesh Tikait यूपी के मुजफ्फरनगर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पर किसान नेता राकेश टिकैत का विरोध होने की खबर है। कहा जा रहा है विरोध के दौरान उनके साथ धक्का–मुक्की, ​भी हुई है, इस दौरान उनकी पगड़ी सिर से नीचे गिर गई। वहीं सिर पर लाठी मारने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने राकेश टिकैत को सुरक्षित निकाल लिया है।

रैली में मौजूद लोगों ने टिकैत का विरोध किया और देखते ही देखते मामला हाथापाई और लाठीचार्ज तक पहुंच गया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और राकेश टिकैत नीचे गिरते-गिरते बचे। मौके पर मौजूद उनके समर्थकों ने किसान नेता को संभाला। घटना के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां पर राकेश टिकैत पर हुए हमले के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

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दरअसल, आज पहलगाम हमले के विरोध में शहर बंद था। हिंदू संगठनों ने जुलूस निकाला था। फिर सभा हुई, यहां पर राकेश टिकैत पहुंचे तो उनका जमकर विरोध हुआ। आरोप है कि राकेश टिकैत ने पिछले दिनों पहलगाम हमले पर आपत्तिजनक प्रतिक्रिया दी थी और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। हिंदू संगठन इस बयान से काफी आक्रोशित थे।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “मैं किसानों की लड़ाई लड़ रहा हूं, न कि किसी मजहब की। कुछ ताकतें इसे communal रंग देने की कोशिश कर रही हैं। मैं अपने बयान पर कायम हूं, लेकिन हिंसा का समर्थन नहीं करता।”

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इस घटना के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया। कुछ ने टिकैत के बयान का समर्थन किया, तो कुछ ने उन्हें “देशद्रोही” करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “टिकैत जैसे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।” वहीं दूसरे ने पूछा, “क्या अब किसी की बात करना भी जुर्म है?”


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com