Krishi Pathshala Kya Hai: ‘ये है अनोखी पाठशाला…खेतों में लगती है क्लास…शिक्षा देने खुद चलकर आते हैं टीचर’ प्रशासन की पहल जानकर आप भी कहेंगे, भई वाह…क्या बात है
Krishi Pathshala Kya Hai: ‘ये है अनोखी पाठशाला…खेतों में लगती है क्लास…शिक्षा देने खुद चलकर आते हैं टीचर’ प्रशासन की पहल जानकर आप भी कहेंगे, भई वाह…क्या बात है

Krishi Pathshala Kya Hai: 'ये है अनोखी पाठशाला...खेतों में लगती है क्लास...शिक्षा देने खुद चलकर आते हैं टीचर' प्रशासन की पहल जानकर आप भी कहेंगे, भई वाह...क्या बात है / Image: MP DPR
- महिलाएं बनीं ‘कृषि गुरु’
- प्राकृतिक खेती और किचन गार्डन को बढ़ावा
- आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
इंदौर: Krishi Pathshala Kya Hai जहां आमतौर पर पाठशाला का मतलब स्कूल, छात्र और शिक्षक से होता है, वहीं प्रदेश के इंदौर जिले में एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है। यहां “कृषि सखियों की पाठशाला” में न तो पारंपरिक शिक्षक हैं और न ही छात्र-बल्कि किसान दीदियां ही शिक्षक बनकर किसानों को खेती के नए तरीके सिखा रही हैं। इंदौर जिले के महू जनपद में संचालित इस अनूठी पहल के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाएं किसानों को प्राकृतिक खेती, किचन गार्डन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दे रही हैं।
खेतों में लग रही ‘कृषि पाठशाला’
Krishi Pathshala Kya Hai कृषि सखी एवं संध्या सेल्फ हेल्प ग्रुप की अध्यक्ष पवित्रा निनामा ने बताया कि उन्होंने पांच गांवों में 100 से अधिक किसान परिवारों को किचन गार्डन विकसित करने के लिए प्रेरित किया है। इससे न केवल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिला है, बल्कि किसानों को आर्थिक बचत के साथ बेहतर स्वास्थ्य का लाभ भी मिल रहा है। किसान अब अपने घरों में उगाई गई सब्जियों का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को जीवामृत, बीजामृत और अन्य जैविक घोल तैयार करना भी सिखाया है, साथ ही 125 से अधिक खेतों की मिट्टी जांच (सॉइल टेस्टिंग) कराई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस पहल का असर साफ नजर आने लगा है। कोलानी गांव की स्व- सहायता समूह सदस्य प्रमिला वसुनिया ने बताया कि किचन गार्डन से खेती में सुधार हुआ है और अब वे घर पर ही सब्जियां उगा रही हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
यह पहल केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। स्व- सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब अनाज उपार्जन और विपणन कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जिला प्रबंधक (मॉनिटरिंग-कृषि) गायत्री राठौड़ के अनुसार, जिले में 34 प्रोड्यूसर कंपनियों के माध्यम से महिलाएं गेहूं, मूंग और आलू जैसे उत्पादों के उपार्जन और विपणन से जुड़ी हैं। देपालपुर और महू ब्लॉकों में महिलाएं समूह के माध्यम से कृषि उत्पादों की खरीदी कर उन्हें मंडी तक पहुंचा रही हैं।
नवाचार बना सफलता की मिसाल
डे-एसआरएलएम इंदौर के जिला परियोजना प्रबंधक हिमांशु शुक्ला ने बताया कि “कृषि पाठशाला” का यह नवाचार सफल रहा है। अब तक 50 से अधिक गांवों में 100 से ज्यादा कृषि पाठशालाएं संचालित की जा चुकी हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
प्रशासन का समर्थन
इंदौर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कृषि सखियों द्वारा संचालित इन पाठशालाओं से किसानों को निःशुल्क और व्यवहारिक जानकारी मिल रही है। इससे उन्हें खेती की सही तकनीक समझने का अवसर मिल रहा है और प्रशासन लगातार किसानों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
ये भी पढ़ें
- Turkey Student School Shooting: कोई फिल्मी सीन नहीं... 13 साल के छात्र ने स्कूल में चलाई गोलियां, 9 की दर्दनाक मौत, कैमरे में कैद मंजर देख दहल जाएगा आपका दिल
- Petrol Diesel Price 16 April 2026: आ गए अच्छे दिन…पेट्रोल 94 तो डीजल 87 रुपए लीटर, वाहन मालिकों की हो गई बल्ले-बल्ले, जानिए 16 अप्रैल को कीमतों में हुआ कितना बदलाव
- janganana 2027 Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हो रही है एक बड़ी प्रक्रिया, घर-घर जाकर जानकारी लेंगे अधिकारी, देना होगा इन 33 सवालों का जवाब
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः
उत्तर: यह एक अनोखी पहल है, जिसमें ग्रामीण महिलाएं खुद किसानों को खेती के आधुनिक और प्राकृतिक तरीके सिखाती हैं।
लेखक के बारे में
"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"
और भी पढ़ें...Web Title: Krishi Pathshala Kya Hai: School for Farmers in Own Field
इंदौर
और भी पढ़ें ›
Amit Shah Visit to Bhopal: आज भोपाल आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल, नई कानूनों की प्रदर्शनी का करेंगे उद्घाटन
02 Oct 2026 | 7:38 am
Chhattisgarh Sharab Dukan Band Today: आज छत्तीसगढ़ में नहीं मिलेगी शराब, बंद रहेगी सभी मदिरा दुकानें, मांस-मटन की बिक्री पर भी लगा प्रतिबंध, आदेश जारी
02 Oct 2026 | 7:30 am
DA Hike Order Issues News: नवरात्रि से पहले भर गई सरकारी कर्मचारियों की झोली, राज्य सरकार ने इतने प्रतिशत बढ़ाया महंगाई भत्ता, आदेश भी हुआ जारी
02 Oct 2026 | 6:49 am
Aaj Ka Rashifal 2 October 2026: आज किन राशि वालों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, नौकरी, कारोबार, पैसा और प्रेम के मामले में कैसा रहेगा आपका दिन? पढ़ें पूरा राशिफल
02 Oct 2026 | 6:26 am
Saturn Nakshatra Transit 2026: 9 अक्टूबर को शनि करेंगे गोचर, इन 3 राशिवालों के जीवन में आएगा बदलाव, रूका हुआ पैसा मिलेगा वापस
02 Oct 2026 | 6:17 am
Vande Bharat: UP का रण.. किसके ब्राह्मण? MLC चुनाव में 11 में 5 ब्राह्मण चेहरे, क्या ये 2027 से पहले सोशल इंजीनियरिंग की बड़ी तैयारी है?
01 Oct 2026 | 11:57 pm
CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ पुलिस में बंपर तबादले, एक साथ इतने इंस्पेक्टरों का ट्रांसफर, पुलिस मुख्यालय से जारी हुआ आदेश
01 Oct 2026 | 11:45 pm
शह मात The Big Debate: ‘हेल्थ’ वाला हथियार..राहुल सर्वेस सरकार! बालाघाट में बच्चों की मौत पर सियासत क्यों? देखें पूरी रिपोर्ट
01 Oct 2026 | 11:36 pm