Katni News: एक साथ इतने बच्चों को ले जाया जा रहा था महाराष्ट्र, पुलिस को लगी भनक तो कटनी में उतारा, अब परिजनों ने कही ये बात

एक साथ इतने बच्चों को ले जाया जा रहा था महाराष्ट्र, पुलिस को लगी भनक तो कटनी में उतारा, 163 children deboarded from Patna-Pune Express

Katni News: एक साथ इतने बच्चों को ले जाया जा रहा था महाराष्ट्र, पुलिस को लगी भनक तो कटनी में उतारा, अब परिजनों ने कही ये बात
Modified Date: April 14, 2026 / 11:26 pm IST
Published Date: April 14, 2026 11:26 pm IST

कटनीः Katni News: मध्यप्रदेश के कटनी के मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर उस समय हड़कंप मच गया था, जब पटना-पुणे एक्सप्रेस से 163 बच्चों को उतार लिया गया। इन बच्चों को महाराष्ट्र ले जाने की सूचना के बाद अब मामला और गंभीर हो गया है। बड़ी संख्या में बच्चों के परिजन अब कटनी जीआरपी थाने पहुंचे हैं, जहां पुलिस उनके बयान दर्ज कर पूरे मामले की सच्चाई जानने में जुटी है। जीआरपी पुलिस ने इस मामले में बच्चों को महाराष्ट्र ले जाने वाले 8 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Katni News: कटनी जीआरपी थाने पहुंचे डीएसपी विजय गौठरिया ने बताया कि संदिग्ध सूचना के आधार पर जीआरपी, आरपीएफ और बाल सुरक्षा आयोग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना-पुणे एक्सप्रेस से करीब 163 बच्चों को उतारा था। बच्चों को फिलहाल कटनी और जबलपुर के बाल गृहों में सुरक्षित रखा गया है। डीएसपी के मुताबिक शुरुआती जांच में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। इधर, बड़ी संख्या में बच्चों के परिजन जीआरपी थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज करा रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और तालीम के लिए महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित मदरसे भेजने की सहमति दी थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा है या वैध सहमति के तहत बच्चों को भेजा जा रहा था।

इन्हें भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।