Action on Bhopal Dilapidated House: तोड़े जाएंगे राजधानी के 600 मकान! बारिश के मौसम में ही छीन जाएगा सिर से छत, रहवासियों ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

तोड़े जाएंगे राजधानी के 600 मकान! बारिश के मौसम में ही छीन जाएगा सिर से छत, Action on Bhopal Dilapidated House

Action on Bhopal Dilapidated House: तोड़े जाएंगे राजधानी के 600 मकान! बारिश के मौसम में ही छीन जाएगा सिर से छत, रहवासियों ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

Action on Bhopal Dilapidated House. Image Source- IBC24

Modified Date: July 7, 2026 / 06:04 pm IST
Published Date: July 7, 2026 6:03 pm IST

भोपालः Action on Bhopal Dilapidated House बारिश का मौसम में सिर पर छत बचाने की चिंता और सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का डर.. ये कहानी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ऐशबाग हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे लोगों की। दरअसल, प्रशासन यहां बने करीब 600 जर्जर मकानों को हटाने की तैयारी कर रही है। इसके विरोध में अब वहां के रहवासी उतर आए हैं और कलेक्टर से वैकल्पिक रूप से रहने की व्यवस् करने की मांग की है।

Action on Bhopal Dilapidated House दरअसल, हाउसिंग बोर्ड ने राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में कॉलोनी बनाई थी। आबंटन प्रक्रिया के बाद यहां कई परिवार निवासरत है। समय के साथ इनके मकान अब जर्जर स्थिति में आ गए हैं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यहां के जर्जर मकानों को तोड़ने की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक 600 मकान ऐसे हैं, जो जर्जर स्थिति में है। रहवासियों का कहना है कि लगातार बारिश के बीच मकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करना व्यावहारिक नहीं है। बारिश के मौसम में उनके सिर से छत हट जाएगा। इसके कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी समस्या को लेकर ऐशबाग हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहवासी बड़ी संख्या में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में शामिल होकर अपनी बात रखी। रहवासियों ने कलेक्टर से कहा कि अभी बरसात का समय है। इसलिए जर्जर मकानों को तोड़ने की कार्रवाई बाद में की जानी चाहिए। फिलहाल यह मामला प्रशासन के सामने है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन पहले पुनर्वास की व्यवस्था करता है या फिर बरसात के बीच ही कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।