Kinnar Shankaracharya controversy: ‘माफी मांगें किन्नर..’, देश के पहले किन्नर शंकराचार्य को लेकर विवाद, संत समाज ने कहा-पद का इतना शौक तो, किन्नराचार्य… लिया ये बड़ा फैसला

Kinnar Shankaracharya controversy: भोपाल में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किन्नर शंकराचार्य पट्टाभिषेक कार्यक्रम ने सामाजिक और धार्मिक गलियारे में भारी विवाद पैदा कर दिया है। दरअसल, किन्नर काजल ठाकुर देश की पहली किन्नर शंकराचार्य बनी।

Kinnar Shankaracharya controversy: ‘माफी मांगें किन्नर..’, देश के पहले किन्नर शंकराचार्य को लेकर विवाद, संत समाज ने कहा-पद का इतना शौक तो, किन्नराचार्य… लिया ये बड़ा फैसला

kinnar shankaracharya / image source: IBC24

Modified Date: February 16, 2026 / 11:39 am IST
Published Date: February 16, 2026 10:31 am IST
HIGHLIGHTS
  • भोपाल में किन्नर शंकराचार्य विवाद
  • संत समाज ने किया नाराजगी जताई
  • आयोजकों को माफी का नोटिस

Kinnar Shankaracharya controversy: भोपाल: भोपाल में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किन्नर शंकराचार्य पट्टाभिषेक कार्यक्रम ने सामाजिक और धार्मिक गलियारे में भारी विवाद पैदा कर दिया है। दरअसल, किन्नर काजल ठाकुर देश की पहली किन्नर शंकराचार्य बनी। इसपर अब विवाद खड़ा हो गया है। चलिए विस्तार से पूरा मामला बताते हैं।

Kinnar Shankaracharya controversy: यह है पूरा मामला

दरअसल, भोपाल में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किन्नर शंकराचार्य पट्टाभिषेक कार्यक्रम ने सामाजिक और धार्मिक गलियारे में भारी विवाद पैदा कर दिया है। इस आयोजन में किन्नर काजल ठाकुर को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य बनाने का प्रस्ताव था, जो कई संत समाज और धार्मिक समूहों के लिए अस्वीकार्य साबित हुआ।

Kinnar religious event: संत समाज में नाराजगी और चेतावनी

संत समाज ने आयोजकों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि इस कार्यक्रम ने सनातन परंपरा और शंकराचार्य गद्दी का अपमान किया है। संत समाज ने चेतावनी दी है कि अगर आयोजकों ने माफी नहीं मांगी, तो वे किन्नरों को पद लेने की अनुमति देने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देंगे। संत समाज का कहना है कि अगर किसी को शंकराचार्य बनने की इतनी इच्छा है, तो इसे पारंपरिक पदों और मान्यताओं के अनुसार नाम बदलकर किया जाना चाहिए, जैसे “किन्नराचार्य”।

संत समाज ने यह भी साफ किया कि वे आयोजन में शामिल किन्नरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस नाराजगी के चलते पूरे आयोजन में धार्मिक और सामाजिक संवेदनाओं को लेकर तनाव का माहौल बन गया है।

Bhopal latest news: आयोजन और धार्मिक अनुष्ठान

किन्नर काजल ठाकुर को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य बनाने का कार्यक्रम भोपाल के लालघाटी स्थित मैरिज गार्डन में सुबह 10 बजे से शुरू हुआ। इस विशेष अनुष्ठान में लगभग 200 किन्नर हिस्सा ले रहे थे, जो मुस्लिम धर्म छोड़कर हिन्दू धर्म में लौट रहे थे। आयोजकों ने इसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला कार्यक्रम बताया, जिसमें पारंपरिक मंत्रोच्चारण और पूजा-पाठ शामिल था।

हालांकि, इस कार्यक्रम ने विवादों को जन्म दिया। सुरैया गुट ने आयोजकों को चेतावनी दी कि वे किसी भी हाल में आयोजन नहीं होने देंगे। उनका आरोप था कि ऋषि दास ने किन्नर काजल ठाकुर के साथ इस अनुष्ठान के माध्यम से धर्मांतरण के गंभीर आरोप फैलाए। गुट ने कहा कि वे इस तरह के धार्मिक उन्माद को रोकने के लिए कदम उठाएंगे।

जबलपुर से प्रतिक्रियाएं

जबलपुर के जगद्गुरु राघवदेवाचार्य ने इस खबर को सुनकर दुख व्यक्त किया। उनका कहना था कि आचार्य परंपरा में पद का बड़ा सम्मान है, और किसी को भी शंकराचार्य का पद अखाड़ा या कुंभ जैसे परंपरागत स्थल के बिना नहीं दे सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में चारों शंकराचार्य अपनी गद्दी पर विराजमान हैं, और नए किन्नर शंकराचार्य बनाने का कोई प्रावधान परंपरा में नहीं है।

राघवदेवाचार्य ने यह भी कहा कि शंकराचार्य पद ब्राह्मण समुदाय के लिए आरक्षित है और इसे केवल पारंपरिक रीति-रिवाज और मान्यता के अनुसार ही प्रदान किया जा सकता है। उनके अनुसार साधु समाज और अखाड़ों के अध्यक्षों से आग्रह किया गया है कि इस तरह के कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।