Meenakshi Natarajan Nomination News: नहीं थम रही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने की नाराजगी.. कांग्रेस ने शुरु किया ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’.. कल इन्हें जारी किया था शोकॉज नोटिस

Meenakshi Natarajan Nomination Congress Protest: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का सत्याग्रह, जबलपुर प्रदर्शन में महिला नेत्री बाल-बाल बचीं।

Meenakshi Natarajan Nomination News: नहीं थम रही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने की नाराजगी.. कांग्रेस ने शुरु किया ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’.. कल इन्हें जारी किया था शोकॉज नोटिस

Meenakshi Natarajan Nomination Congress Protest || Image- IBC24 News File

Modified Date: June 18, 2026 / 03:44 pm IST
Published Date: June 18, 2026 3:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भोपाल में कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह आयोजित किया।
  • दिग्विजय सिंह और मीनाक्षी नटराजन प्रदर्शन में शामिल हुए।
  • जबलपुर में प्रदर्शन के दौरान प्रियंका सोनी बाल-बाल बचीं।

भोपाल: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने “लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह” आयोजित किया। (Meenakshi Natarajan Nomination News) भोपाल के जवाहर चौक पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मीनाक्षी नटराजन भी शामिल हुए। सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर विरोध जताया।

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बाल-बाल बची कांग्रेस नेत्री

वहीं जबलपुर में महिला कांग्रेस ने भी नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झूमाझपटी की स्थिति बन गई। विरोध के दौरान जलाए जा रहे पुतले का एक जलता हुआ हिस्सा महिला कांग्रेस नेत्री प्रियंका सोनी पर गिर गया। हालांकि समय रहते उन्हें सुरक्षित हटा लिया गया और वह बाल-बाल बच गईं। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

NSUI जिला अध्यक्षों को नोटिस जारी

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में अब अनुशासनात्मक कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एनएसयूआई के 22 जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। (Meenakshi Natarajan Nomination News) आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने पार्टी के निर्देश के बावजूद विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया।

नामांकन निरस्त, महेश केंवट बने रास सांसद

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार महेश केंवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हो गए। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। कांग्रेस का आरोप था कि चुनाव आयोग के फैसले से भाजपा को अनुचित लाभ मिला है। पार्टी नेताओं ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” और “सीट चोरी” तक करार दिया। मामले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।

22 जिलाध्यक्षों को मिला कारण बताओ नोटिस

नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया था। पार्टी के सभी आनुषंगिक संगठनों को जिला स्तर पर भाजपा और चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में पुतला दहन एवं प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि पार्टी को मिली रिपोर्ट के अनुसार एनएसयूआई के करीब 22 जिलाध्यक्षों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।

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इसी को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर संबंधित जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। (Meenakshi Natarajan Nomination News) उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

क्या लिखा है पटवारी के खत में?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 16 जून 2026 को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में जिला स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। (NSUI Presidents Show Cause Notice) इसकी सूचना एसएमएस, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी संबंधित पदाधिकारियों तक पहुंचाई गई थी।

पत्र में कहा गया है कि पर्याप्त जानकारी होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, जिससे संगठन के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता परिलक्षित होती है। प्रदेश नेतृत्व ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज की है। नोटिस में संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के तीन दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रदेश कार्यालय को भेजें।

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लेखक के बारे में

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