Gwalior to Nagpur Green Corridor : ग्वालियर से नागपुर का सफर होगा और भी आसान! इस मेगा प्रोजेक्ट से बदलने वाली है इन जिलों की तस्वीर, सिंधिया ने गडकरी को लिखी चिठ्ठी

Ads

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र के प्रमुख शहरों—पिछोर, चंदेरी, मुंगावली, अशोकनगर और गुना—को प्रस्तावित ‘मध्य भारत विकास पथ’ से जोड़ने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा देने की बात कही है।

  •  
  • Publish Date - March 7, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 06:50 PM IST

Gwalior to Nagpur Green Corridor / Image Source : Facebook

HIGHLIGHTS
  • सिंधिया ने प्रमुख शहरों को ‘मध्य भारत विकास पथ’ से जोड़ने की मांग की।
  • नितिन गडकरी को पत्र लिखकर बेहतर कनेक्टिविटी का आग्रह।
  • 746 किमी कॉरिडोर से क्षेत्रीय विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

अशोकनगर/ भोपाल : मध्यप्रदेश में अधोसंरचना और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र के प्रमुख शहरों को प्रस्तावित ‘मध्य भारत विकास पथ’ से जोड़ने का अनुरोध किया है। यह परियोजना भारत सरकार के ‘विजन-2047’ के अंतर्गत राज्य में प्रस्तावित नए एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पिछोर, चंदेरी, मुंगावली, अशोकनगर और गुना जैसे महत्वपूर्ण शहरों को प्रस्तावित मध्य भारत विकास पथ (नागपुर-भोपाल-ग्वालियर ग्रीन कॉरिडोर) से सीधे जोड़ा जाए।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति

सिंधिया ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में अशोकनगर, मुंगावली और चंदेरी जैसे प्रमुख शहर सीधे किसी राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं जुड़े हैं। Jyotiraditya Scindia Expressway Project इन शहरों को एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़ने से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्वालियर-चंबल संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और यह पूरा क्षेत्र विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

मध्य भारत विकास पथ: क्षेत्रीय प्रगति का नया मार्ग

प्रस्तावित मध्य भारत विकास पथ वर्तमान में प्रारंभिक सर्वेक्षण के चरण में है, जिसके आगामी चार से पाँच महीनों में पूरा होने की संभावना है। Gwalior to Nagpur Green Corridor  इस सर्वे में चंदेरी, अशोकनगर और मुंगावली को इस कॉरिडोर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।लगभग 746 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मुरैना से प्रारंभ होकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और आगे नागपुर तक जाएगा। इसके माध्यम से न केवल प्रमुख शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि चंदेरी और ओरछा जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। साथ ही यह मार्ग नागपुर से हैदराबाद तक की संपर्क व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा।

गुना-अशोकनगर-चंदेरी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इसके साथ ही 114.70 किलोमीटर लंबे गुना-अशोकनगर-चंदेरी (SH-54) मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए भी प्रभावी पैरवी की है। MP New Expressways यह मार्ग NH-46, NH-346 और NH-44 को आपस में जोड़ते हुए क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश में प्रस्तावित नए एक्सप्रेस-वे जैसे नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे और मालवा-निमाड़ विकास पथ राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।

इन्हें भी पढ़ेंः-

मध्य भारत विकास पथ क्या है?

मध्य भारत विकास पथ एक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर है, जो मुरैना से नागपुर तक लगभग 746 किलोमीटर लंबा होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किससे इस परियोजना को लेकर अनुरोध किया है?

उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर प्रमुख शहरों को इस कॉरिडोर से जोड़ने का अनुरोध किया है।

इस परियोजना से क्षेत्र को क्या लाभ होगा?

इससे सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी, निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और चंदेरी व ओरछा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।