भोपाल: MP News: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य से अधिक मूंग का उत्पादन हुआ है जिसे अब भारत सरकार केंद्रीय पूल में खरीदेगी। इससे हजारों किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
MP News: भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के लिए 3.51 लाख टन मूंग की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। राज्य सरकार ने भी इसी के समानांतर 3.51 लाख टन मूंग खरीदने का लक्ष्य रखा था। इस तरह कुल 7.02 लाख टन मूंग की खरीद की योजना थी। राज्य में मूंग का उत्पादन उम्मीद से अधिक हुआ है। अब तक कुल 7,72,433 टन मूंग का उपार्जन किया जा चुका है, जो निर्धारित संयुक्त लक्ष्य से लगभग 70 हजार टन अधिक है।
MP News: इस अतिरिक्त उपार्जन में से लगभग 68 हजार टन मूंग को भारत सरकार द्वारा सेंट्रल पूल में शामिल किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने का सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश में कुल 2,94,488 पंजीकृत किसान है वहीं मूंग बेचने वाले 2,74,775 किसान है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बड़ी संख्या में किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया है और सरकारी समर्थन मूल्य पर मूंग बेची है।
मूंग समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत सरकार किसानों से उनकी मूंग की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदती है, जिससे उन्हें बाजार मूल्य में गिरावट से सुरक्षा मिलती है।
समर्थन मूल्य 2025 में कितना है?
मूंग का समर्थन मूल्य (MSP) हर वर्ष सरकार द्वारा तय किया जाता है। 2025 के लिए यह जानकारी संबंधित कृषि विभाग की वेबसाइट या नजदीकी मंडी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
मध्यप्रदेश में मूंग समर्थन मूल्य योजना का लाभ कैसे लें?
किसानों को e-KYC पूरी कर, सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। फिर वे निर्धारित केंद्रों पर मूंग बेच सकते हैं और समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकते हैं।
मूंग समर्थन मूल्य योजना के तहत भुगतान कब होता है?
मूंग बिक्री के बाद भुगतान आमतौर पर 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है।
मूंग समर्थन मूल्य योजना में रजिस्ट्रेशन जरूरी है क्या?
हाँ, योजना का लाभ लेने के लिए किसान का पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के समर्थन मूल्य पर बिक्री संभव नहीं है।