Twisha Sharma Case Update : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर मिले कई चोटों के निशान,कोर्ट में सरकार ने खोले बड़े राज़, गिरिबाला की जमानत पर आज होगी सुनवाई

बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने के लिए जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कई सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। सरकार का दावा है कि त्विषा के शरीर पर फांसी के अलावा अन्य चोटों के निशान भी मिले थे और आरोपी जांच को प्रभावित कर रही है।

Twisha Sharma Case Update : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर मिले कई चोटों के निशान,कोर्ट में सरकार ने खोले बड़े राज़, गिरिबाला की जमानत पर आज होगी सुनवाई

Twisha Sharma Case Update / PTI ( Image Credit )

Modified Date: May 25, 2026 / 09:40 am IST
Published Date: May 25, 2026 9:33 am IST
HIGHLIGHTS
  • राज्य सरकार ने गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर अन्य चोटों के निशान मिलने का दावा।
  • सरकार ने आरोपी पर जांच और सबूतों को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया।

भोपाल : Twisha Sharma Case Update बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश की जबलपुर हाई कोर्ट से एक  चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। राज्य सरकार की इस दलील और याचिका पर आज दोपहर 2:30 बजे हाई कोर्ट में बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है ।

Samarth Twisha Sharma Call Detail फांसी लगाने के अलावा चोट के कई अन्य निशान

हाई कोर्ट में दायर राज्य सरकार की याचिका के अनुसार, त्विषा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। त्विषा के शरीर पर फांसी लगाने के अलावा चोट के कई अन्य निशान भी मिले थे। याचिका में दलील दी गई है कि त्विषा को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि, बीती 22 अप्रैल को त्विषा की मां और भाई उसके ससुराल पहुंचे थे, जहां ससुराल पक्ष ने उसे आगे परेशान न करने का वादा भी किया था।

Twisha Sharma Case Jabalpur High Court मायके वालों ने प्रताड़ित न करने का किया था वादा

दायर याचिका में ये आरोप लगाए गए है की 12 मई की रात मौत से ठीक पहले त्विशा को प्रताड़ित किया गया। याचिका में यह भी खुलासा हुआ है कि मौत से पहले एक फोन कॉल में समर्थ के चिल्लाने की आवाज आई थी और इसके ठीक 1 घंटे के बाद गिरिबाला सिंह ने परिजनों को त्विशा की मौत की जानकारी दी थी।

“जाँच को गिरिबाला सिंह करती है प्रभावित”

राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के सामने दवा किया है की ट्रायल कोर्ट ने इन पुख्ता सबूतों को देखे बिना ही गिरिबाला सिंह को जमानत दे दी है। सरकार का आरोप है कि गिरिबाला बाहर रहकर केस के सबूतों को प्रभावित कर रही है, इसलिए उसकी जमानत को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।

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